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आरटीआइ के जरिए 70 पन्नों की रिपोर्ट में खुलासा, इशरत को जहां में पाक दिखाने की थी साजिश

एक चैनल ने दावा किया है कि इशरत जहां से जुड़े पहले हलफनामे में पी चिदंबरम ने बदलाव किए थे

आरटीआइ के जरिए 70 पन्नों की रिपोर्ट में खुलासा, इशरत को जहां में पाक दिखाने की थी साजिश

नई दिल्ली. इशरत जहां केस पर एक नया खुलासा सामने आया है। जिसमें पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम पर कई सवाल खड़े हो गए है। एक न्यूज चैनल को मिली इशरत जहां केस फाइल यह दिखाती है कि पूर्व गृह मंत्री ने इस केस में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की।

तकरीबन 70 पन्नों वाली इशरत केस की फाइल में सरकारी नोटिंग्स, दस्तखत, कानूनी दस्तावेज, और कई अटैचमेंट्स हैं जिन्हें पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया था। चैनल ने ये दस्तावेज आरटीआई कानून के जरिए हासिल किए हैं।

साजिश के तहत तथ्य बदले थे
चैनल ने दावा किया है कि इशरत जहां से जुड़े पहले हलफनामे में पी चिदंबरम ने बदलाव किए थे। जिसे लेकर चिदंबरम अब तक इनकार करते रहे हैं। पहले हलफनामे में इशरत जहां को आतंकवादी बताया गया था जो गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के मिशन पर थी। आरटीआई के जरिए हासिल किए गए दस्तावेजों के आधार पर चैनल ने दावा किया है कि चिदंबरम ने इस हलफनामे को खुद मंजूरी दी थी।
दूसरी हलफनामे की जरूरत क्यों
इसके साथ ही यह सवाल भी बनता है कि अगर पहले हलफनामे को पी चिदंबरम ने 29 जुलाई 2009 को खुद मंजूरी दी थी तो आखिर किन परिस्थितियों में दूसरे हलफनामे की जरूरत आई। पहले हलफनामे के कुछ दिनों बाद ही दूसरा हलफनामा दायर किया गया जिसमें केंद्र ने इशरत को लेकर अपना स्टैंड चेंज कर दिया।
दो माह में मिटे थे सबूत
तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2009 में दो हलफनामे दायर किए। जिसमें से एक में कहा गया था कि एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मारी गई इशरत जहां सहित चार व्यक्ति आतंकवादी थे। दो महीने बाद दायर दूसरे हलफनामे में कहा गया था कि कोई निर्णायक सबूत नहीं था।
नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
चैनल द्वारा संपर्क किए जाने पर पूर्व गृह मंत्री ने इस खुलासे पर कोई कॉमेंट करने से इनकार कर दिया। भाजपा ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता करने का आरोप लगाया है।
मोदी थे निशाने पर
माना गया कि इशरत जहां के तार पाक आतंकियों से जुड़े थे, वह गुजरात में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए भेजी गई थी। उसके निशाने पर तत्तकालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे। इस मामले में और तूल तब पड़क लिया था जब आतंकी डेविड कॉलमेन हेडली ने इशरत का संबंध लशकर -ए -तैयबा से बता दिया था।
खास बातें
-पहले हलफनामे में इशरत आतंकी, दूसरे में नहीं थे सबूत
-केस के पहले हलफनामे पर दस्तखत कर बदलनी चाही थी छवि
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