Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दिल्ली-एनसीआर में सेकंड हैंड डीजल कारों का क्रेज हुआ खत्म, बिक्री घटी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सेकंड हैंड कार डीलर्स के लिए डीजल गाड़ियों को बेच पाना बहुत मुश्किल हो गया है।

दिल्ली-एनसीआर में सेकंड हैंड डीजल कारों का क्रेज हुआ खत्म, बिक्री घटी
नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक से सेकंड हैंड कार का बाजार में क्रेज समाप्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सेकंड हैंड कार डीलर्स के लिए डीजल गाड़ियों को बेच पाना बहुत मुश्किल हो गया है।
दिल्ली-एनसीआर के सेकंड हैंड कार डीलर्स के पास आपको एसयूवी कारों के मॉडल देखने को शायद ही मिले। पिछले कुछ समय से डीजल कारों की घटती बिक्री से परेशान डीलर इस बात से चिंतित हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बाजार का और बुरा हाल हो जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक देश में गाड़ियों की कुल बिक्री में 18 फीसदी हिस्सा दिल्ली-एनसीआर का है और सेकंड हैंड कार का सबसे बड़ा बाजार दिल्ली ही है। 2000 सीसी से बड़ी डीजल कारों के रजिस्ट्रेशन पर लगी रोक से पुरानी कारों की कीमत में भारी गिरावट भी आई है।
सेकंड हैंड कार डीलर्स को खास तौर पर डीजल गाडियों की बिक्री में आने वाले दिनो में 50 फीसदी तक की गिरावट का खतरा सता रहा है। वहीं राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने डीजल वाहनों के पंजीयन पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता में एनजीटी की पीठ ने कहा कि हम दूर से भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की राह में नहीं आना चाहते हैं। इस मुद्दे पर हम एक शब्द भी नहीं कहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है, उसी हिसाब से काम करना होगा। इस टिप्पणी के साथ ही एनजीटी ने कार विक्रेताओं की याचिका खारिज कर दी।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, पूरी खबर-

खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

Next Story
Top