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घरवालों के सामने बाप की लाश सड़ाता है दि‍ल्‍ली का सफदरज़ंग अस्‍पताल, पढ़ि‍ए हि‍ला देने वाली आपबीती

हर चीज में चलता है कमीशन, लोग यहां कमीशन देकर पाते हैं मौत!

घरवालों के सामने बाप की लाश सड़ाता है दि‍ल्‍ली का सफदरज़ंग अस्‍पताल, पढ़ि‍ए हि‍ला देने वाली आपबीती
नई दिल्ली. पिछले साल विधानसभा चुनावों के समय आम आदमी पार्टी के संयोजक और वर्तमान में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता से वादा किया था कि अगर वो सत्ता में आए तो उन्हें भ्रष्टाचारमुक्त दिल्ली देंगे। उस समय लोगों को भी भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलने की हसरतें जागने लगीं। लेकिन जैसे ही केजरीवाल सरकार पूर्ण बहुमत के साथ दिल्ली की सत्ता में आई लोगों को खुद के ठगे जाने का एहसास होने लगा। एक फेसबुक यूजर Satya Prakash का वास्ता जब दिल्ली के प्रतिष्ठित सफदरजंग अस्पताल से पड़ा तो उन्होंने वहां का वाकया फोटो सहित शेयर किया है। आप खुद ही पढ़ लीजिए दिल्ली का हाल....
‘मैने भी केजरीवाल जी को ही वोट दिया था...’
इस तस्वीर को देखिए...ये दिल्ली का सबसे बड़ा अस्पताल है सफदरजंग । पीछे की सीट पर एक बच्ची बैठी है...एक शव के सिरहाने । पूछने पर पता चला कि ये शव उनके पापा की थी। (कन्फर्म नहीं) पहले जब ये मरीज नहीं बच पाए तो बहुत रोना हुआ। बाद में इस लड़की के आंसू सूख गए। लेकिन जो हुआ वो रुलाने वाला था । बच्ची बैठी थी..शव कि सिरहाने..और शव देने में अस्पताल घंटों लगा रहा था । ये बच्ची अपनी थोड़ी-बहुत हिम्मत के साथ एक-दो बार आई लेकिन डॉक्टर्स-नर्सेस...ये अस्पताल नहीं पसीजा । ख़ैर..कुछ घंटों बाद रस्मी खाना-पूर्ति हुई शव को ले जाया गया । केजरीवाल जी आपके दिल्ली में होने के बावजूद ये सब क्यों ?
अब दूसरी तस्वीर के साथ कुछ और तस्वीरों को भी देखिए । तस्वीर में एंपिसिलिन की कुछ छोटी बोतलें है...। जो अस्पताल में भर्ती होते मंगवाई गई। मैं पेशे से डॉक्टर तो नहीं..लेकिन एंपिसिलिन इंजेक्शन के बारे में थोड़ा-बहुत पता है। मैने डॉक्टर से पूछा...इतना बड़ा अस्पताल ये छोटा सा... इंजेक्शन जो हर छोटी-बड़ी चोट..इन्फेक्शन में दिया जाता है वो भी नहीं होता है आपलोगों के पास। जवाब- बहस मत कीजिए...क्या होता है..क्या नहीं होता। जाकर बाहर से लाइए। खैर...इमरजेंसी थी...चला गया ले भी आया। दूसरे दिन एमएस ऑफिस में गया। बोला ये शिकायत है....जवाब मिला जहां कहना हो...कहिए । पता भी बता दिया...सुपरिटेंडेट ऑफिस का। मैं चला भी गया...लेकिन संयोग से देर हो चुकी थी...प्रकिया के तहत शिकायत दर्ज नहीं हो पाई ।
तीसरी तस्वीर में...खून की जांच से संबंधित रिपोर्ट है..। भर्ती होते..बताया गया डॉक्टर की तरफ से ये ब्लड रिपोर्ट मंगवाओ...साथ में भी बता दिया गया कि यहां तो होता नहीं बाहर से करवाओ...साथ में अस्पताल में काम करने वाले एक सज्जन को बताकर बोला गया कि इन्हें 2100 रुपए दे देना। मैने सोचा..बड़ी जरूरी की बात होगी । फिर भी पूछ लिया...यहां नहीं होता क्या । जवाब फिर वही...आप बहुत बहस करते हैं । मैंने कहा कहीं सच तो नहीं कह रहे डॉक्टर साहब...लेकिन मैं तब बहुत हैरान रह गया...जब किसी डॉक्टर ने इस रिपोर्ट को देखने की जरूरत ही नहीं समझी। ( अगर लैब से अलग रिपोर्ट उनके पास आ गई हो तो नहीं कह सकता) बाद में ऑफ द रिकॉर्ड एक भाईसाहब ने ये बताया कि...आप बड़े सीधे मालूम होते हैं। बाहरी रिपोर्ट देखने के लिए...होता है या जेब भरने के लिए । मैं हैरान रह गया ।
केजरीवाल जी दिल्ली में...आपके राज में ये सब क्या है।
एक छोटी बात और...अस्पताल में इमरजेंसी में जाते मुझे( मेरे मरीज को) सिटी स्कैन की सुविधा मिली । लेकिन डॉक्टर को रिपिट सिटी स्कैन चाहिए थी...24 घंटे के बाद । पता चला अस्पताल का सिटी स्कैन खराब हो गया है..डॉक्टर फिर से पता बताने लगे...अलबत्ता मैंने जब ये कहा कि मैं मरीज के साथ अकेला हूं..इसे कैसे अकेले ले जाऊं...तो डॉक्टर आदमी देने की बात कहने लगे...जबकि उसी अस्पताल में मरीज को सिटी स्कैन सेंटर के अंदर तक अटेंडेंट के भरोसे छोड़ दिया जाता है। ख़ैर.. मैं..इस बार बाहर न जाकर अस्पताल के सिटी स्कैन सेंटर में गया । पूछा क्यों ठीक नहीं हो पा रहा है भाई...वहां जवाब मिला...इंजीनियर आएंगे तभी तो ठीक होगा । फिर एक गार्ड साहब ने कहा ...अरे बाबा ठीक करने जो इंजीनियर आएगा...उसे 1000-1200 मिलेंगे। दो दिन नहीं आएगा..तो 15-20 हजार मिल जाएगा..कमीशन में से । मुझे नहीं पता ये कमीशन का कैसा कॉकश है । लेकिन मैं फिर से हैरान था। केजरीवाल जी ये क्या । मांगने को आप संयुक्त राष्ट्र मांग लीजिए...इस दावे के साथ कि साल भर में पूरी दुनिया को ठीक नहीं कर दिया...तो वापस ले लेना ।
सर..प्लीज जो दिल्ली में होना है वो तो करो। सड़कों की हालत देखी है आपने ? सरिता विहार फ्लाई ओवर । जामिया मोड़ । पंजाबी बाग से आगे..., अजमेरी गेट के सामने । प्लीज सर...मांगने का आप कुछ भी मांग लो.. जितना जी चाहे..केन्द्र से लड़ो । लेकिन दिल्ली का इलाज तो करते...। क्यों ऐसा फील करा रहे हो...कि आपको वोट देकर...अच्छा नहीं किया । आगे आपकी मर्जी । हमें तो 5 साल इंतजार करना ही होगा..।
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