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पूर्व सैनिक के बेटे ने बताया, पिता की थी बस इतनी-सी मांग

वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू होने के बाद रामकिशन की पेंशन 30 हजार रुपए हो जानी चाहिए थी।

पूर्व सैनिक के बेटे ने बताया, पिता की थी बस इतनी-सी मांग
नई दिल्ली. वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के लिए हरियाणा के रहने वाले एक पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। हरियाणा में भिवानी के एक गांव में रहने वाले राम किशन अपनी पंचायत के पहले दलित सरपंच थे। राम किशन के परिवार और करीबियों ने बताया कि उनके गांव में किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि उनके जैसा बुद्धिमान व्यक्ति ऐसा कदम उठा सकता है। परिवार के मुताबिक राम किशन की मांग सिर्फ पेंशन में 5000 रुपए बढ़कर मिलने की थी। उन्होंने प्रादेशिक सेना में 6 साल और डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स (DSC) में 24 साल की सर्विस दी थी।
रामकिशन के बेटे जसवंत ने बताया कि सूबेदार रामकिशन 2004 में DSC से रिटायर हुए थे, जिसके बाद उन्हें हर महीने 24,999 रुपए की पेंशन मिलती थी। लेकिन वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू होने के बाद उनकी पेंशन 30 हजार रुपए हो जानी चाहिए थी।
रामकिशन के बेटे जसवंत ने बताया कि सूबेदार रामकिशन 2004 में DSC से रिटायर हुए थे, जिसके बाद उन्हें हर महीने 24,999 रुपए की पेंशन मिलती थी। लेकिन वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू होने के बाद उनकी पेंशन 30 हजार रुपए हो जानी चाहिए थी। परिवार ने बताया कि ग्रेवाल चाहते थे कि उनकी पेंशन में एरियर के साथ छठे और सातवें वेतन आयोग व ओआरओपी के अनुसार इजाफा हो। 2004 में ही रिटायर होने वाले एक अन्य पूर्व सैनिक सूबेदार पृथ्वी सिंह ने कहा, “अगर सही से जोड़ा जाए तो हम सभी 30 हजार रुपए की पेंशन पाने के हकदार हैं।”
रामकिशन के गांव बामला स्थित उनके घर में 16 लोगों का परिवार है। दिनभर टीवी पर चली खबरों से ही इन्हें पूरी घटना की जानकारी मिल पाई थी। परिवार के सभी सदस्य सदमे में थे। रामकिशन की पत्नी किताब कौर ने कहा, “हमने अपने दिल्ली में रह रहे परिवार के लोगों को संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। मेरे पति मृत पड़े थे और परिवार वालों को पीटा जा रहा था।” किताब कौर अभी तक भरोसा नहीं कर पा रहीं कि उनके पति अब नहीं रहे।
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