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नोटबंदी से आम आदमी भिखारी बन गया है: रामगोपाल यादव

रामगोपाल यादव ने कहा कि नोट बंदी पर मैं किसान के साथ खुद भुक्तभोगी हूं।

नोटबंदी से आम आदमी भिखारी बन गया है: रामगोपाल यादव
नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने नोटबंदी की तुलना आपातकाल से करते हुए कहा लोग भिखारी बन गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पैसे से चुनाव जीता जाता तो सत्ताधारी कभी नहीं हारते। इसलिए नोट बैन को चुनावों से जोड़ना गलत है। हां, लेकिन नोट बैन का फैसला सही समय पर नहीं लिया गया। फसलों की बुआई चल रही है, किसान खाद और बीज नहीं ले पा रहा। आलू बिक नहीं पा रहा. कोल्ड स्टोरेज में आलू सड़ रहे हैं। आपके इस कदम से घाटा हो गया। यही नहीं नोट बंदी से पहले ही 2000 के नोट ट्वीट किए गए। गोपनीयता टूटने से नोटबंदी की मंशा फेल हो गई। सुबह ही उन्होंने कहा था कि नोट बंदी पर मैं किसान के साथ खुद भुक्तभोगी हूं, 10 हजार बोरा आलू बर्बाद हो रहा है।
वहीं, बड़े नोटों को बंद करने के मुद्दे पर देशभर में छिड़ी बहस के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर कवर फोटो बदल दी है जिसमें कहा गया है कि भारत कालेधन को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता है। जेटली की फोटो के साथ यह भी लिखा हुआ है कि ईमानदारी और नैतिक आचरण देश के विकास की आवश्यकता है। जेटली की कवर फोटो में लिखा है, भारत कालेधन को अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता है। ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक आचरण भारत के विकास की आवश्यकताएं हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के चलन पर पाबंदी की अप्रत्याशित घोषणा की थी। तब से विपक्ष इस फैसले का विरोध कर रहा है और इसे आम जनता के खिलाफ बता रहा है। सरकार का कहना है कि इस कठोर कदम से लोगों को थोड़े समय तक कुछ परेशानी अवश्य होगी लेकिन कालेधन, जाली नोट और आतंकवाद के वित्तपोषण की गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए यह फैसला जरूरी है।
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