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रेव पार्टियों पर पुलिस चौकस, क्रिसमस व नए साल के जश्न पर होगी नजर

लोगों की रगों में जहर घोलने वाला यह व्यापार सूचना- तकनीक के जरिए लगातार अपने पैर पसार रहा है।

रेव पार्टियों पर पुलिस चौकस, क्रिसमस व नए साल के जश्न पर होगी नजर
नई दिल्ली. क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर राजधानी में रेव पार्टियों के आयोजन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस चौकस हो गई है। क्राइम ब्रांच ने ड्रग्स सप्लाई करने वाले नाइजीरियाई नागरिक को 104 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान इजूचुकवो जोसेफ के रूप में हुई है। एडिशनल सीपी आलोक कुमार ने बताया कि 18 दिसंबर की शाम सूचना मिली थी कि साउथ दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक नाइजीरियाई ड्रग्स की सप्लाई करने पहुंचेगा। डीसीपी राजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में एसीपी एनके मीना, इंस्पेक्टर सत्यवान की टीम का गठन किया गया और एक ट्रेप लगाकर जोसेफ को कोकीन के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पाया गया कि जोसेफ 2012 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। इसके बाद वह वापस नहीं गया और ड्रग्स की तस्करी के धंधे में जुट गया।
क्राइम ब्रांच द्वारा पकड़े गए नाइजीरियाई ड्रग्स सप्लायर द्वारा बताए गए कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस रेव पार्टियों के आयोजनों के बारे में फिलहाल खुलकर बात करने से कतरा रही है। लेकिन नाइजीरियाई ड्रग्स सप्लायर ने साउथ दिल्ली के कुछ पॉश इलाकों का खुलासा किया है जहां रेव पार्टियां आयोजित करने की योजना थी। सूत्रों का कहना है कि अपराध की दुनिया में गहराई तक जड़े जमा चुका नशे का काला कारोबार हर वर्ष फल- फूल रहा है। पुलिस से बचने के लिए ड्रग्स सप्लायर अब इंटरनेट का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस धंधे की कमान नाइजीरियाई नागरिकों के हाथों में है। ड्रग्स सप्लायर खास तौर पर नए साल के मौके पर भरपूर फायदा उठाने की फिराक में रहते हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रेव पार्टियों के आयोजकों की साउथ दिल्ली के मालवीय नगर, ग्रेटर कैलाश, छतरपुर, वसंत कुंज व कापसहेड़ा इलाके के फार्म हाउस पहली पसंद हैं। पुलिस इनके नेटवर्क तक पहुंच बनाने के लिए प्रयास कर रही हैं।
इंटरनेट के जरिए चलता है धंधा
नशे का काला कारोबार करने वाले अब इंटरनेट का भरपूर इस्तेमाल करने लगे हैं। लोगों की रगों में जहर घोलने वाला यह व्यापार सूचना- तकनीक के जरिए लगातार अपने पैर पसार रहा है। पुलिस व कानून से बचने के लिए इंटरनेट पर ही विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर और इनके इस्तेमाल की पूरी जानकारी मुहैया करवाई जा रही है।
कंप्यूटर इंटरनेट का सामान्य ज्ञान व अनुभव रखने वाला कोई भी व्यक्ति बड़े आराम से ड्रग्स के ऑनलाइन धंधे में शामिल हो सकता है। यहीं कारण है कि दुनिया के किसी भी कोने में किसी भी जगह से ड्रग्स की ऑनलाइन डीलिंग की जा सकती है। पुलिस कुछ सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट्स की मदद से इंटरनेट पर भी नजर गड़ाए हुए हैं।
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