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एस्सार ग्रुप ने किये थे कई बड़े मंत्रियों के फोन टेप: पीएम को शिकायत

मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप की थी कई वीवीआइपी की अवैध फोन टैपिंग

एस्सार ग्रुप ने किये थे कई बड़े मंत्रियों के फोन टेप: पीएम को शिकायत
नई दिल्ली. मल्टीनेशनल कंपनी एस्सार ग्रुप पर कई वीवीआइपी की अवैध फोन टैपिंग का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस बाबत पीएम नरेंद्र मोदी को शिकायत मिली है कि एस्सार ग्रुप द्वारा कई बड़े नामचीन मंत्रियों का फोन टेप किया गया था। एनडीए और यूपीए सरकार के बीच 2001 से 2006 तक गुजरे पांच सालों में एस्सार ग्रुप ने कई बड़े मंत्रियों और उद्योगपतियों के फोन कॉल टेप किये थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एस्सार ग्रुप ने कथित तौर पर कैबिनेट मंत्री, कॉर्पोरेट प्रमुख मुकेश अम्बानी और अनिल अम्बानी समेत कई बड़े वीवीआइपी का फोन टेप किया था। कथित बातचीत को सरकार को सत्ता के गलियारों में प्रभावी बनाने के लिए रिकॉर्ड किया गया था। बिजनेस क्षेत्र में फैले करप्शन को उजागर करने और बिजनेस डील्स को जानने के लिए भी कॉल्स रिकॉर्ड की गयी थी। सरकार और बिजनेस क्षेत्र के बीच के गैप को ख़त्म करना भी इसका उद्देश्य था।


बता दें इस मामले में दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के वकील सुरेन उप्पल ने 1 जून 2016 को पीएम नरेंद्र मोदी को 29 पृष्ठों की शिकायत भेजी है। जिसमें यह कहा गया है कि एस्सार ग्रुप के सभी कर्मचारियों पर फोन टेप करने के मामले में कार्यवाही होनी चाहिए। शिकायत में उन सभी शीर्ष नेताओं ने नाम दर्ज है जिनके फोन कॉल रिकॉर्ड किये गए थे।

इनमें वर्तमान रेल मंत्री सुरेश प्रभु, पूर्व मंत्री प्रफुल पटेल और राम नाईक, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अम्बानी, एडीएजी (ADAG) के चेयरमैन अनिल अम्बानी और उनकी पत्नी टीना अम्बानी के नाम हैं। इसके साथ ही सूची में दिवंगत पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद महाजन और सांसद अमर सिंह के नाम भी दर्ज हैं। इसके अलावा सूची में वर्तमान गृह सचिव राजीव महर्षि, आइडीबीआइ बैंक के पूर्व अध्यक्ष पी पी वोरा, आइसीआइसीआइ बैंक के पूर्व सीइओ और एमडी के वी कामथ, आइसीआइसीआइ बैंक की पूर्व संयुक्त प्रबंध निदेशक ललिता गुप्ते का नाम भी शामिल है।

एक और सूची में कई बड़े गणमान्य लोगों का नाम भी है जिनमें पीएम ऑफिस के ब्रजेश मिश्रा, एन के सिंह, राजनीतिज्ञ राम नाइक,जसवंत सिंह कीर्ति सौम्या, पीयूष गोयल, सुधांशु मित्तल, सहारा चीफ सुब्रतो रॉय और फिल्मस्टार अमिताभ बच्चन का भी नाम बताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में हो रही है मामले की सुनवाई

बता दें कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भेजी गयी एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद सामने आया है। जिसमे पहली रिपोर्ट इंडियन एक्सप्रेस ने दी थी। इस रिपोर्ट में कुछ नेताओं, मंत्रियों और पत्रकारों का एस्सार ग्रुप से जुड़े संबंधों को साबित करने का मामला था। एस्सार ग्रुप ने इसमें एक बयान देते हुए कहा है कि एस्सार ग्रुप ने कुछ भी गलत नहीं किया है।

दो महीने पहले सुरेन उप्पल ने एस्सार ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों को एक चेतावनी नोटिस भेजा था। उससे जुड़े एक पूर्व कर्मचारी अल्बसित खान को भी नोटिस भेजा गया था जिसने सभी कॉल टेप की थी। उप्पल ने बताया कि खान उस समय एस्सार के सुरक्षा प्रमुख थे जिन्होंने प्रबंधन के आदेश पर सभी कॉल टेप करके रिकॉर्ड की थीं।

फोन टैपिंग के लिए प्रशांत और रविकांत रूइया ने कहा था


उप्पल के मुताबिक एस्सार ग्रुप से जुड़े प्रशांत रूइया और रविकांत रूइया ने अल्बसित खान को कहा था कि एस्सार 2001 से ही एम/एस हचिंसन के अंडर एक सरकारी टेलीकॉम कंपनी है। जो सभी वैधानिक कार्यों को सरकार की निगरानी में करती हैं। एस्सार कंपनी में सेलुलर ऑपरेशन, कॉल रिकॉर्डिंग करने का काम और रिकॉर्डिंग को प्रबंधन तक पहुंचने का का काम भी किया जाता था। उप्पल ने आरोप लगाया है कि एस्सार के निर्देश पर खान अंडरकवर हो चुका है। इस मामले को लेकर खान की तरफ से फ़िलहाल कोई बयान नहीं आया है।

उप्पल द्वारा सभी शिकायतों की कॉपी भी जारी की हैं। कुछ अप्रमाणित रिकॉर्डिंग, नंबर और ट्रांसस्क्रिप्ट भी दी हैं। उप्पल ने बताया कि वह चाहते है सरकार इस मामले में जांच करवाए और कार्यवाही करें। वरना वह इस मामले को लेकर उच्च अदालत में जायंगे और एक जांच टीम का गठन भी करवाया जाएगा। अल्बसित जैसे लोगो के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।

उप्पल का चेतावनी नोटिस एस्सार अध्यक्ष शशिकांत रुइया, प्रशांत रुइया, रविकांत रुइया और अंशुमान रुइया को 2 मार्च 2016 को भेज जा चुका था। चेतावनी नोटिस कहता है कि एम/एस एस्सार ग्रुप ने जानबूझकर सरकारी की गोपनीयता, फैसलों, घोषणाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को भांग करने की कोशिश की है। व्यक्तिगत और सार्वजनिक सूचना को टेप करके रिकॉर्ड करना दूरसंचार क्षेत्र में लाइसेंसिंग नीति का उल्लंघन है।"


उप्पल ने अपने नोटिस में कहा कि खान ने लगभग एक दशक तक एस्सार में सुरक्षा प्रमुख के रूप में काम किया है। साथ ही सैंकड़ो टेप और बातचीत के रिकॉर्डिंग्स भी अपने प्रबंधन को सौंपे हैं। हालांकि एस्सार कंपनी ने उप्पल के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा नोटिस में लगाए गए आरोप आधारहीन है उनमे कोई सच्चाई नहीं है।

उप्पल के नोटिस में एस्सार कंपनी अध्यक्ष और सुरक्षा प्रमुख प्रशांत रुइया और अल्बसित खान पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। उसमें दावा किया है कि खान का एक ड्रग कारोबारी था। 1999 में प्रशांत रुइया की रियायत पर इसको कंपनी के सवेंदनशील मामलों को हैंडल करने के लिए सुरक्षा प्रमुख बन दिया गया। 2001 से 2011 तक अल्बसित खान कम्पनी में कार्यरत रहा है। एस्सार कंपनी द्वारा किये गए सवालों का उप्पल ने भी जबाब देने से इंकार किया हैं।

2जी मामले में एस्सार पर चल रहा मुकदमा
गौरतलब है‍ कि चर्चित 2जी आवंटन घोटाला मामले में एस्सार मुकदमे का सामना कर रही है. समझा जाता है कि फोन की टैपिंग से सत्ता की दलाली, कारोबार में भ्रष्टाचार, सरकार और कारोबारियों के बीच डील और ऐसे ही कई गहरे राज पर एस्सार की नजर थी।
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