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काम के लिए एलजी के पास जाएं, हमारे पास नहीं है पावर: आप

आप प्रवक्ता आशुतोष द्वारा दिए गए बयान से सरकार ने दूरी बना ली है।

काम के लिए एलजी के पास जाएं, हमारे पास नहीं है पावर: आप
नई दिल्ली. दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) व सीएनजी फिटनेस घोटाले की जांच को तेज करते हुए उपराज्यपाल को इस दिशा में काम करना चाहिए। आम आदमी पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि कोर्ट के फैसले के तहत अब एलजी को ही इस दिशा में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान मुकेश अंबानी, शीला दीक्षित पर मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके अलावा एलजी जिनमें आरोपी हैं सीएनजी फिटनेस घोटाले की जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली कटौती की समस्या बढ़ रही है। अब एलजी को ही आगे आकर बिजली कंपनी पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा द्वारा पारित जनहित कानून जिन्हें केंद्र सरकार ने वापस भेजे हैं उनके संबंध में उपराज्यपाल महोदय के पास क्या योजना है। आशुतोष ने कहा कि डीडीसीए घोटाले में दिल्ली सरकार ने जांच का आदेश दिया था जिसमें देश के वित्त मंत्री फंसते हुए नजर आ रहे हैं, इस घोटाले की जांच के संदर्भ में उपराज्यपाल क्या-क्या करने वाले हैं, दिल्ली के किसानों और भू-मालिकों के पक्ष में फैसला लेते हुए दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट 50 लाख से बढ़ा कर तीन करोड़ रुपए प्रति एकड़ किया था, इसे कितनी जल्दी उपराज्यपाल महोदय लागू करेंगे या बिल्डर लॉबी के पक्ष में जाते हुए इसे रद्द कर देंगे।
विकास पर दें ध्यान: भाजपा
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि पार्टी व सरकार दिल्ली की जनता की भलाई के लिए विकास कायरें पर ध्यान दें। केवल विवाद खड़े करने से दिल्ली का विकास नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार व पार्टी के नेता कम से कम कोर्ट के आदेश का भी पालन तो करें। उपाध्याय ने कहा कि नेता आशुतोष का शुक्रवार को उपराज्यपाल संबंधी बयान उनकी उपराज्यपाल के प्रति पहले से चली आ रही भाषण शैली का नया रूप है। बेहतर होगा आप नेता यह समझ लें कि आज दिल्ली में जो भी थोड़ा बहुत प्रशासन बना हुआ है या फिर जनहित के कार्य हो रहे हैं। वह उपराज्यपाल कार्यालय के माध्यम से हो रहे हैं। केजरीवाल सरकार का सचिवालय तो केवल विवादों और मुकदमों में व्यस्त है।

जंग से मांगा फंड
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्थायी समिति के उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने उपराज्यपाल नजीब जंग से मांग की है कि बंद पड़े सीवर व पुरानी पानी की पाइप लाइनों को बदलने के लिए पार्षदों को 25-25 लाख दिए जाएं। भाटिया ने दिल्ली सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि लोग ांदा पानी पी रहे हैं क्योंकि जलबोर्ड काम नहीं कर रहा है।
दिल्ली के नेताओं में अहम की लड़ाई
दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल रही तनातनी और इस संबंध में हाल ही में आए उच्च न्यायालय के फैसले की पृष्ठभूमि में लोकसभा में शुक्रवार को यह मुद्दा उठा और देश की राजधानी में प्रशासनिक मशीनरी के ठप होने के चलते जनता को होने वाली परेशानी का जिक्र किया गया। भाजपा के डॉ. किरीट सोमैया ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए कहा कि दिल्ली में नेताओं के बीच अहम की लड़ाई छिड़ी है। उनमें यह साबित करने की होड़ लगी है कि मैं बड़ा कि तू बड़ा। सोमैया ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पिछले दिनों दिए अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि उप राज्यपाल के पास प्रशासनिक शक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी इस बारे में दिल्ली सरकार को स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए।
सरकार असहमत
आप प्रवक्ता आशुतोष द्वारा दिए गए बयान से सरकार ने दूरी बना ली है। श्रम मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सरकार का जो काम हैं उससे वह दूर नहीं हो सकती। सरकार अपने कर्तव्य को पूरा करेगी। जनता ने हमें जिसके लिए चुन कर भेजा है वह काम हम कर रहे हैं। बता दे कि आशुतोष ने मीडिया में दिए बयान में कहा कि पानी, बिजली, सड़क व अन्य की समस्याओं को दूर करवाने के लिए एलजी के पास जाओ।
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