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निर्भया कांड: नाबालिग आरोपी की रिहाई पर संशय बरकरार, रिहाई के बाद सरकार देगी 10,000 रु.

मंगलवार 16 दिसंबर 2015 को निर्भया कांड को पूरे 3 साल हो जाएंगे।

निर्भया कांड: नाबालिग आरोपी की रिहाई पर संशय बरकरार, रिहाई के बाद सरकार देगी 10,000 रु.
नई दिल्ली. 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार मामले में बाल सुधार गृह में बंद नाबालिग आरोपी की अर्जी बढ़ाने की मांग की गई है। दरअसल केंद्र ने उच्च न्यायालय से नाबालिग को बाल सुधार गृह में रखने की अवधि बढ़ाने की अपील की है। इस मामले को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में सरकार ने अपनी रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में नाबालिग को दर्जी की दुकान खुलवाने की योजना है और हर माह 10,000 हजार रुपए देने की भी अपील की गई है।
चीफ जस्टिस जी. रोहिणी और जस्टिस जयंत नाथ की पीठ के समक्ष रिपोर्ट में कहा है कि वयस्क हो चुके इस नाबालिग का कपड़ों की सिलाई (टेलरिंग) और खाना बनाने में काफी रूची देखी गई है। ऐसे में इसके लिए किराये का दुकान में उसे सरकार की मदद से टेलरिंग का दुकान खुलवाने का प्रस्ताव दिया है। इस कारोबार को करने में उसे छह माह तक मदद किया जाएगा। शुरुआत में दिल्ली सरकार दस हजार रुपये देगी। बाकी मदद एनजीओ के माध्यम से करवाया जाएगा। इसके लिए उसे सिलाई मशीन, रसीद बुक आदि भी उपलब्ध कराया जाएगा।
नाबालिग को माता-पिता उसे अपने साथ तो रखना चाहते हैं। लेकिन रिहाई के बाद उसे लेने दिल्ली आने को तैयार नहीं है। इसके पीछे उनके मन में अपनी व बेटे की सुरक्षा की चिंता मूल कारण है। नाबालिग के माता-पिता रिहाई के बाद बेटे को घर लेने जाने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपने रिश्तेदार को भेजना चाहते हैं।
इस मामले पर सुब्रम्णयम स्वामी ने कहा था कि जुवेनाइल के लिए कानून में प्रावधान है, पर वो केवल खाना या किसी सामान की चोरी पर लागू होता है, न कि इतने बड़े-बड़े क्राइम पर। इस मामले में कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए। मैं इसे लेकर कोर्ट जाऊंगा, इसके बाद का फैसला कोर्ट पर निर्भर करता है।
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