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गृह मंत्रालय नहीं साझा करेगा इशरत मामले से जुड़े अधिकारी का ब्योरा

गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि मारे गए आतंकवादी मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए वहां आए थे।

गृह मंत्रालय नहीं साझा करेगा इशरत मामले से जुड़े अधिकारी का ब्योरा
नई दिल्ली. गृह मंत्रालय ने इशरत जहां एनकाउंटर केस की गायब फाइलों की जांच के प्रमुख बी के प्रसाद को फाइल नोटिंग की जानकारी देने से इंकार कर दिया है। गृह मंत्रालय कह कहना है कि वह इशरत फाइल की जांच करने वाले अधिकारी का ब्योरा साझा नहीं करेगा। मंत्रालय ने बताया कि कैबिनेट पैनल के प्रस्ताव का खुलासा नहीं किया जा सकता।
बी के प्रसाद को दो महीने की 31 मई 2016 को गृह मंत्रालय ने फाइल की प्रतियां मांगी थी। क्योंकि प्रसाद 31 मई के रिटायर्ड होने वाले थे। प्रसाद को फाइल की प्रतियां लाने के लिए गृह मंत्रालय ने दो महीना बढ़ा दिया था।
बता दें कि फाइल की प्रतियां लाने के लिए 1 जुलाई 2016 से बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया था। मंत्रालय से प्रसाद को दिए गए दो महीने बढ़ाने के कारणों के बारे में पूछा गया तो मंत्रालय ने इसे बताने से मना कर दिया और कहा यह आरटीआई अधिनियम के दायरे में नहीं आता है।
पीटीआइ द्वारा याचिका दायर की गई थी। गृह मंत्रालय ने आरटीआइ के तहत सवाल के जवाब में कहा कि फाइल नोटिंग कैबिनेट की नियुक्ति समिति के एक प्रस्ताव से जुड़ा हुआ है। यह पारदर्शिता कानून की धारा 8(1)(i) के तहत छूट मिली हुई है। इसके तहत मंत्रियों, सचिवों और अन्य अधिकारियों के विचार-विमर्श सहित कैबिनेट के कागजात को उजागर होने पर रोक लगाती है। इस संबंध में मंत्रालय ने कहा कि आरटीआइ एक्ट 2005 के तहत यह जानकारी उन्हें ही दी जाएगी जिन्हे भारत की नागरिकता प्राप्त है। आमतौर पर, नागरिकता का सबूत पारदर्शिता कानून के तहत आवेदन दायर करने की आवश्यकता नहीं है। अगर किसी मामले में आवेदक की नागरिकता पर संदेह है तो राष्ट्रीयता के सबूत की तलाश किया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च में संसद में हंगामा के बाद गृह मंत्रालय ने लापता कागजात के मामले की जांच करने की जिम्मेदारी प्रसाद को दी थी। पैनल ने पिछले महीने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें 19 वर्षीय इशरत जहां और तीन अन्य लोग गुजरात में कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गए थे। गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि मारे गए आतंकवादी मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के लिए वहां आए थे।
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