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जानिए बदमाश क्यों बनाते हैं बुजुर्गों को अपना निशाना

ज्यादातर बुजुर्गों की उनके घरों में ही घुसकर लूटपाट के इरादे से हत्या कर दी जाती है।

जानिए बदमाश क्यों बनाते हैं बुजुर्गों को अपना निशाना
नई दिल्ली. देश की राजधानी में दिल्ली में वारदाते रूकने का नाम नहीं ले रही हैं। जहां एक तरफ वुमन क्राइम, चैन स्नेचिंग और हत्या जैसी वारदाते हैं तो वही दूसरी तरफ बदमाशों के निशाने पर बुजुर्ग भी हैं। राजधानी में बुजुर्गों के साथ होने वाले अपराध को लेकर दिल्ली पुलिस गंभीर है। इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस योजनाबद्ध तरीके से काम करती है। बावजूद बुजुर्ग बदमाशों के निशाने पर रहते हैं। इसका कारण बदमाश इन्हें सॉफ्ट टारगेट मानते हैं। हाल के दिनों में आधा दर्जन बुजुर्गों की उनके घरों में ही घुसकर लूटपाट के इरादे से हत्या कर दी गई। गत वर्ष दिल्ली पुलिस ने 23 हजार 397 बुजुर्गों का वेरिफिकेशन किया।


इसके अलावा राजधानी में रह रहे बहुत से बुजुर्ग पुलिस थाने पहुंचकर अपनी परेशानी भी बयां करते हैं। गत वर्ष तीन लाख 58 हजार 407 बुजुगरें ने थानों में पहुंचकर अपनी परेशानी अधिकारियों को बतायी। 2015 में पुलिसकर्मियों ने दो लाख 73 हजार 435 बुजुर्गों को फोन कर उनका सेफ्टी ऑडिट किया।


राजधानी में हजारों की संख्या में रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस पर है। इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय में 'सीनियर सिटीजन सिक्योरिटी सेल' का गठन किया गया। इसकी जिम्मेदारी संयुक्त पुलिस आयुक्त क्राइम ब्रांच के जिम्मे है। दिल्ली के सभी जिले की पुलिस अपने जिले के बुजुगरें से संबंधित रिपोर्ट क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त को भेजती हैं।


बता दें कि दिल्ली के सभी 11 जिलों में सीनियर सिटीजन सेल का गठन किया गया है। इसके अलावा बुजुर्ग अपनी शिकायत व परेशानी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1291 पर दर्ज करा सकते हैं, जो पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा हुआ है। दिल्ली पुलिस के बीट स्टॉफ प्रतिदिन बुजुगरें से मिलकर उनकी जरूरतों को पूरा करने के साथ उनकी सुरक्षा का जायजा लेते हैं। बुजुगरें के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा है। इनकी पहचान के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा आईकार्ड भी दिया जा रहा है, जिसमें उनकी बीमारी आदि की जानकारी उपलब्ध रहती है।


नोट- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार 2014 में दिल्ली में 22 बुजुगरें की हत्या हुई थी।

दिल्ली में कब कब बुजुर्ग बने इस वारदात का शिकार


5 फरवरी 2014 : बीके दत्त कॉलोनी में (65) वर्षीय मिथलेश जैन की घर में घुसकर हत्या।


13 जून 2014 : पटेल नगर में परम वीर चक्र विजेता रिटायर्ड मेजर रोहित शेट्टी की भारी वस्तु से वारकर हत्या।


7 जुलाई 2014 : गेट्रर कैलाश रेखा दुग्गल (82) रेप के बाद गला दबाकर हत्या।


26 जुलाई 2014: तुगलकाबाद एक्सटेंशन में केके चोपड़ा (70) की घर में हत्या।


13 सितंबर 2014 : रोहिणी सेक्टर-5 सी ब्लॉक में उषा मिर्शा (62) की घर में हत्या।


12 जून 2015: विजय विहार में 63 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या।


15 जून 2015: ईस्ट पटेल नगर में 92 वर्षीय बुजुर्ग और 62 वर्षीय पुत्रवधु की हत्या।


27 अगस्त 2015: पहाड़गंज इलाके में रहने वाली 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला शांति चोपड़ा की हत्या।


23 सितंबर 2015 : बिजवासन में बुजुर्ग विमला देवी (55) की हत्या।


13 नवंबर 2015: ग्रेटर कैलाश में मनोहर लाल (84 ) उनकी पत्नी (79)की हत्या।


5 मई 2016 : पालम गांव में डॉक्टर बलवान सिंह (61) की गोली मारकर हत्या।


7 जुलाई 2016: कृष्णा देवी (69) की चाकू घोंपकर हत्या, घर में लूटपाट।


11 जुलाई 2016 : कालकाजी में 71 वर्षीय बुजुर्ग हरमीत कौर की घर में घुसकर हत्या।


20 जुलाई 2016 : मयूर विहार समाचार आपर्टमेंट विजय की चाकू घोंपकर हत्या।


24 जुलाई 2016 : लाजपत नगर में बुजुर्ग महिला विमला (62) की घर में घुसकर हत्या।

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