Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

व्यापमं की सजा पर जजों में मतभेद!

एक न्यायाधीश छात्रों से सेना में पांच साल चिकित्सक सेवा देने को कह रहे हैं, तो दूसरे उन्हें फिर से प्रवेश परीक्षा देने का आदेश दे रहे हैं।

व्यापमं की सजा पर जजों में मतभेद!
X
नई दिल्ली. व्यापमं के जरिए मध्य प्रदेश मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पाने के लिए अनुचित तरीके अपनाने के आरोपी 634 छात्रों का भविष्य फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
दरअसल, उच्चतम न्यायालय की एक पीठ के न्यायाधीशों के बीच मतभेद है, क्योंकि एक न्यायाधीश उनसे सेना में पांच साल बतौर चिकित्सक सेवा देने को कह रहे हैं, जबकि दूसरे न्यायाधीश उन्हें फिर से प्रवेश परीक्षा देने का आदेश दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के साल 2014 के दो फैसलों को छात्रों ने चुनौती दी थी। इन फैसलों के जरिए साल 2008 से 2013 के बीच हुई प्रवेश परीक्षाओं में उनके नतीजों को एमपीपीईबी द्वारा रद्द करने के खिलाफ की गई उनकी अपीलों को खारिज किया गया था।
बोर्ड को व्यापमं नाम से भी जाना जाता है। व्यापमं घोटाला शीर्ष न्यायालय के आदेश से हो रही सीबीआई जांच का भी विषय है।
अपनी जांच में परीक्षा बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि परीक्षा प्रक्रिया में छेड़छाड़ की गई और ये 634 चिकित्सक उस परीक्षा प्रक्रिया के लाभार्थियों में शामिल हैं।
अलग-अलग फैसलों को आगे के आदेशों के लिए प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर के पास भेजते हुए न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर ने कहा कि उन्होंने इस बात का सर्मथन किया है कि छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने दी जाए और वे बगैर किसी दावे के सेना में सेवा देकर समाज को इसका प्रतिफल दें।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, खबर से जुड़ी अन्य जानकारियां-
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story