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रिपोर्टः दिल्ली में बच्चे 8 साल की उम्र में करने लगते है नशा

ये किशोर ज्यादातर गरीब परिवार के होते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद ही कमजोर होती है।

रिपोर्टः दिल्ली में बच्चे 8 साल की उम्र में करने लगते है नशा
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नई दिल्ली. वर्तमान में अधिकतर युवा नशीले पदार्थों का सेवन करते पाए गए हैं। लेकिन ये किशोर किस उम्र में खुद को नशीली पदार्थों में झोंक देते हैं और किस वजह से नशे की दुनिया में शामिल हो जाते हैं यह जानने के लिए हाल ही में दिल्ली में एक रिसर्च की गई। रिसर्च में कुछ शोधकर्ताओं ने 487 लड़कों को अपने शोध लिस्ट में शामिल किया। 487 किशोरों में 8 से 18 साल के लड़कों का परिक्षण किया गया। जिसमें पाया गया कि तकरीबन 88.64 फीसदी युवाओं के नशे का इस्तेमाल करने के पीछे एक सामाजिक कारण है। हाल के एक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि किशोरों का नशीले पदार्शों का सेवन और आपराधिक व्यवहार एक दूसरे से जुड़े हुए नहीं हैं या यूं कहें तो एक दूसरे से परे हैं। लेकिन फिर भी नशीले पदार्शों का सेवन पूर्ण रुप से किसी गंभीर अपराध के लिए भागीदार है।
एक शोध में पता चला है कि ये किशोर ज्यादातर गरीब परिवार के होते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद ही कमजोर होती है। आर्थिक तंगी के चलते अक्सर ये किशोर गलत संगत में पड़ जाते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें इसकी लत हो जाती है। किशोंरो द्वारा जिन नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है उनमें से 25.6 फीसदी किशोर तंबाकू की बजाय भांग या गांजे का इस्तेमाल करते हैं। वहीं 15.6 प्रतिशत किशोर शराब, 13.3 प्रतिशत किशोर हेरोइन और 10.6 प्रतिशत किशोर कश का इस्तेमाल करते हैं।
इसके अलावा महज 4.5 प्रतिशत किशोरों ने इस बात को स्वीकारा है कि वह नशीले पदार्थों (ड्रग्स) का सेवन करते हैं। यदि हम इन किशोरों के ड्रग्स के इस्तेमाल और अपराधिक व्यवहार की प्रकृति के बीच के संबंधों की बात करें तो रिसर्च के मुताबिक, 16.2 फीसदी किशोर अधिक मात्रा में नशीले पदार्थ के रूप में टाइपराइटर थिनर, वाइट्नर जैसे पदार्थों का इस्तेमाल करते है। रिसर्च में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि इन सभी नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले युवा अन्य अपराध की तुलना में रेप जैसे घिनौने अपराध को अंजाम देते हैं।
इसी तरह 35.2 फीसदी किशोर गांजा जैसे पदार्थो का सेवन करने पर हत्या से संबंधित अपराधों के लिए दोषी पाए गए हैं। उच्च स्तर पर देखा गया है कि जो किशोर लूट-पाट जैसे अपराध को अंजाम देते हैं उन युवाओं द्वारा अक्सर नशा करने के लिए हेरोइन का इस्तेमाल किया जाता है। यदि आप ये जानना चाहेंगे कि किशोरों ने नशीले पदार्थों का सेवन करना किस उम्र से शुरू कर दिया था। तो आपको जानकर हैरानी होगी कि यह कोई ज्यादा बड़ी नहीं बल्कि महज 8 साल की उम्र होती है।
रिसर्च के मुताबिक पाया गया कि 21.6 फीसदी किशोरो ने 8 से 12 साल के उम्र में ही नशा करना शुरू कर दिया था। वहीं 12.6 प्रतिशत किशोरो ने 13 से 14 साल में ही नशे के लिए वाइटनर का इस्तेमाल शुरु किया और वहीं 20.2 फीसदी किशोरों ने 15 से 16 साल की उम्र में ही गांजे का इस्तेमाल किया, वहीं 17.9 फीसदी किशोर शराब और नशीली दवाओं का इस्तेमाल 17 से 18 की उम्र में ही शुरू कर चुके हैं। रिसर्च के मुताबिक, यह बताया गया है कि 66.73 किशोरों के लिए चोरी सबसे आम अपराध है। जिनमें से 11.9 फीसदी हत्या और हत्या का प्रयास करने, 11 फीसदी बलात्कार और लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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