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दि‍ल्‍ली के इन इलाकों में सड़ने को मजबूर हैं मुसलमान

अल्पसंख्यक आयोग की रिपोर्ट में ओखला और मुस्तफाबाद इलाके में स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति को रेखांकित किया है।

दि‍ल्‍ली के इन इलाकों में सड़ने को मजबूर हैं मुसलमान
नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के दो मुस्लिम बहुल इलाकों में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं बदतर हैं। इस वजह से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खासी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। दिल्ली सरकार और नगर निगमों के संबंधित विभाग द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित आयोग की 2014-2015 की वार्षिक रिपोर्ट में आयोग ने दक्षिण दिल्ली के ओखला क्षेत्र और पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति को रेखांकित किया है।
एलोपैथी स्वास्थ्य केंद्र नहीं
रिपोर्ट कहती है कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम के इस क्षेत्र में कोई एलोपेथी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है, जबकि इसकी सराय जुलेना में एक आयुर्वेदिक और तैमूर नगर में एक यूनानी डिस्पेंसरी है। इस क्षेत्र में कोई प्रसूती गृह या महिलाओं और बच्चों की देखभाल के कोई अन्य सुविधा नहीं हैं और न ही स्त्री रोग के लिए बुनियादी देखभाल है।
सिर्फ दो डिस्पेंसरी
ओखला में, जाकिर नगर, बटला हाउस, नूर नगर, गफ्फार मंजिल, शाहीनबाग और अबु फज़ल इनक्लेव सहित एक दर्जन अल्संख्यक कॉलोनियां हैं, जिसमें तकरीबन छह-सात लाख की आबादी है। इस इलाके में सिर्फ दो सरकारी डिस्पेंसरी हैं।
स्कूलों की कमी
मुस्तफाबाद में पूर्वी दिल्ली नगर निगम का प्राथमिक स्कूल खराब हालत में मिला, जोकि एक तीन कमरों के एक किराये के भवन में चल रहा है। इस क्षेत्र की कॉलोनियों में प्राथमिक स्कूलों की भयंकर कमी है। रिपोर्ट ने कहा कि इन घनी आबादी वाले क्षेत्र में और स्वास्थ्य और शिक्षण सुविधाएं स्थापित करने के लिए भूमि की अनुपलब्धता रुकावट है। आयोग के सचिव के के जिंदल ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट साल में शुरू किए विभिन्न पहलों और विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी है। इस रिपोर्ट को हाल ही में दिल्ली सरकार को विचार और अनुवर्ती कार्रवाई के लिए जमा कराया गया है।
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