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यहां भूख मिटाने के लिए लोग खाते हैं मिट्टी के बर्तन

हैती देश पश्चिमी गोलार्ध में गरीब देशों में से एक है।

यहां भूख मिटाने के लिए लोग खाते हैं मिट्टी के बर्तन
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नई दिल्ली. दुनिया में अरबों लोगों के लिए फूड प्रोड्यूस किया जाता है, लेकिन फिर भी गरीबी की वजह से 9 में से एक व्यक्ति को हर दिन भूखे ही सोनेा पड़ता है। हम में से अधिकांश लोग घर में बचा हुआ खाना फेंक देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि देश के कई लोगों को खाना नसीब तक नहीं होता है। क्या आपने ऐसी गरीबी देखी है जहां पर लोग मिट्टी खाकर अपना जीवन चला रहे हैं। तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि विश्व में हैती देश की हालत ऐसी ही है जहां लोग मिट्टी के बर्तन बनाकर खाने को मजबूर हैं। बता दें हैती देश पश्चिमी गोलार्ध में सबसे गरीब देशों में से एक है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ल्ड फूड प्रोगाम का दावा है कि दुनिया में हर साल तकरीबन 22 करोड़ लोगों का खाना बर्बाद होता है। इतना ही नहीं यूनाइडेट नेशन में सब्जियां और फलों की सबसे ज्यादा बर्बाद होती है। वहीं हैती देश के लोगों के पास खाने की इस कदर कमी है कि वहां पर रहने वाले लोग जीवित रहने के लिए मिट्टी से बने बर्तनों को खाने के लिए मजबूर है। दरअसल, मिट्टी के बर्तनों को खाना अब यहां के लोगों के लिए आम बात हो गई है।
हैतियन लोगों का एक ट्राइबल इलाका जहां लोग सिर्फ वही खाते हैं जो वह खुद बनाते हैं। क्योकि ये देश इतना गरीब है कि यहां पर सिर्फ मिट्टी के बर्तन बनाने के ही साधन है। यहां पर रहने वाले लोग मिट्टी के बर्तनों को खुद ही बनाते है और भूख से बचने के लिए खुद ही खाते हैं।
बता दें कि सुपरमार्केट पर बैन लगाने और खाना बर्बाद को रोकने के लिए फरवरी 2016 में फ्रांस दुनिया का सबसे पहला देश माना गया है। बता दें कि इस स्थिति को देखते हुए फ्रांस देश ने भोजन दान करने की बात कही है। आप इस वीडियो को एक बार जरुर देखे, इसे देखकर आप खाना बर्बाद कभी नहीं करेंगे।

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