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रामजस कॉलेज विवाद की 5 बड़ी बातें, क्यों मचा है बवाल

गुरमेहर कौर को दिल्ली छोड़कर अपने घर जालंधर वापस जाना पड़ा।

रामजस कॉलेज विवाद की 5 बड़ी बातें, क्यों मचा है बवाल
नई दिल्ली. रामजस कॉलेज में बीते कई दिनों से विवाद चल रहा है। एक सेमिनार के आयोजन को लेकर शुरू हुई बहस कब हिंसक हो गई किसी को पता ही नहीं चला। इस पूरे विवाद में घटनाएं इतनी तेजी से घटीं की किसी को कुछ समझ ही नहीं आया कि कब ये राष्ट्र से जुड़ गया।
बीते साल जेएनयू में कथित तौर पर देश द्रोही नारे लगाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद ताजा विवाद में भी इस तरह की बात कही गई।
बताया जा रहा है कि लेफ्ट छात्र संगठनों ने जो कुछ जेएनयू में किया वो वहीं काम दिल्ली यूनिवर्सिटी में कर रहे थे जिसके विरोध में एवीबीपी के छात्रों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों छात्र गुट आपसे में भिड़ गए।
मामला इतना बढ़ गया कि इस मुद्दे पर नेताओं तक के बयान और प्रतिक्रियाएं आने लगी। इस पूरे विवाद में एक नया नाम सामने उभर कर आया गुरमेहर कौर का। गुरमेहर कौर करगिल शहीद की बेटी और डीयू की छात्रा हैं। उऩ्होंने इसे विचारधारा की लड़ाई बताई और फेसबुक पर कई पोस्ट जारी कर दिए।
इसको लेकर खिलाड़ी, नेता और अभिनेता सबने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। गुरमेहर कौर को अपने पोस्ट और विरोध की नीति को लेकर सोशल मीडिया पर रेप और जान से मारे जाने की धमकी दी जाने लगी। जिसके बाद उन्हें दिल्ली छोड़कर अपने घर जालंधर वापस जाना पड़ा।
लेकिन इसके बावजूद कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें जानना जरूरी है-
1. रामजस कॉलेज में उमर खालिद और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कुछ स्टूडेंट को लेक्चर के लिए बुलाया था। लेकिन एबीवीपी के विरोध के बाद वो प्रोग्राम कैंसिल कर दिया गया था।
2. इस बात को लेकर छात्रों में विवाद हो गया था। दिल्ली यूनिवर्सिटी और खालसा कॉलेज में कुछ प्रोग्राम भी कैंसिल हो गए।
3. इस बीच एक करगिल शहीद की बेटी गुरमेहर कौर ने भी एबीवीपी पर आरोप लगाया था। विवाद के बीच वो दिल्ली से जालंधर चली गयी हैं।
4. विवाद बढ़ता देख सभी राजनीतिक दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया देने शुरू कर दी हैं। विपक्ष के सारे नेताओं ने इस घटना को एक बार फिर असहिष्णुता बता रहै हैं।
5. इसी के विरोध में मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में AISA, NSUI और JNU शिक्षक संघ प्रोटेस्ट मार्च निकाला। इस मार्च से भी गुरमेहर ने खुद को दूर रखा। लेकिन उन्होंने मार्च में ज्यादा से ज्यादा छात्रों को शामिल होने को कहा।
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