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समुद्र में बना गूगल का सबसे फास्ट केबल कनेक्शन ''फास्टर''

गूगल ने अमेरिका के पश्चिमी तट और जापान को ऑनलाइन जोड़ने के लिए पानी के अंदर केबल बना रहा है।

समुद्र में बना गूगल का सबसे फास्ट केबल कनेक्शन
वाशिंगटन. तकनीकि क्रांति के इस दौर में कम्यूनिकेशन के लिए इंटरनेट सबसे प्रमुख कड़ी है। हालांकि दुनिया को जोड़ने के लिए अंतरिक्ष में उपग्रहों की जरूरत होती है। लेकिन विश्व भर में सबसे अच्छा कनेक्शन फाइबर ऑप्टिक केबल अभी भी पानी के अंदर है। लेकिन हाल ही में गूगल ने अमेरिका के पश्चिमी तट और जापान को ऑनलाइन जोड़ने के लिए पानी के अंदर केबल लगा दी है। कंपनी ने इस डाटा ट्रांसफर केबल का नाम 'फास्टर' रखा है।
कंपनी का कहना है कि ये केबल 60 टेराबाइट प्रति सेकंड में डाटा ट्रांसफर करने की क्षमता रखती हैं। दुनिया की सबसे फास्ट डाटा ट्रांसफर करने वाला केबल पानी के अंदर बनाया जा रहा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह आपके घर में लगे ब्रौडबैंड से औसतन 1 करोड़ के जितना तेज है।
जानकारी के मुताबिक, पानी के अंदर 6 जोड़े केबल का इस्तेमाल किया गया है। प्रत्येक केबल 100 अलग अलग तरंग दैर्ध्य प्रकाश का उपयोग करती हैं। कंपनी का कहना है कि 60 किमी के अंतराल में एक रिपिटर को इंसटॉल किया गया है जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि डाटा ट्रांसफर के वक्त कहीं कोई डाटा मिस न हो जाए।
कंपनी ने अपना ये प्रोजेक्ट 2 साल पहले शुरू किया था। इसमें गूगल पांच अन्य कंपनियों की मदद से इस केबल प्रोजेक्ट को बनाया था। इस प्रोजेक्ट में ग्लोबल ट्रांजिट, केडीडीआइ, चीन मोबाइल, चीन दूरसंचार और एनइसी शामिल थे। 300 मिलियन डॉलर की इस परियोजना को उत्तरी अमेरिका और एशिया के बीच डाटा ट्रांसफर के लिए बनाया गया है, जो 9 हजार किमी तक फैला है। कंपनी का कहना है कि इस केबल कनेक्शन को अमेरिका के पश्चिमी तट के प्रमुख केन्द्रों तक बढ़ाया जा रहा है।
गूगल दूसरा केबल कनेक्शन जापान और ताइवान के बीच जोड़ेगा। ये केबल 20 टेराबाइट प्रति सेकंड डाटा ट्रांसफर करेगा। गूगल के सीनियर वॉइस प्रेसिडेंट का कहना है कि केबल के नुकसान को रोकने के लिए इसे जापान में सुनामी क्षेत्रों के बाहर निर्धारित किया जाएगा।
फिलहाल 'फास्टर' इंटरनेट की इस फास्ट स्पीड के किंग के रुप में सामने आया है। बता दें कि 2016 में पानी के अंदर और भी केबल प्रोजेक्ट को शुरू करने की घोषणा की गई थी। ये प्रोजेक्ट यूएस से साउथ यूरोप को माइक्रोसोफ्ट और फेसबुक के बीच 160 टेराबाइट प्रति सेकंड डाटा ट्रांसफर कर कनेक्ट किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट जब 2017 में पूरा हो जाएगा तब ये गूगल के फास्टर से भी फास्ट होगा। जिसका टाइटल 'द हाइयेस्ट कैपासिटी ऑप अंडरसिया' होगा।
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