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यहां पान की गिलौरियां सूखती नहीं, 40 दिन तक खराब नहीं होता हलवा

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में स्वाद और विविधता का संगम

यहां पान की गिलौरियां सूखती नहीं, 40 दिन तक खराब नहीं होता हलवा
नई दिल्ली. पान की बासी गिलौरियां स्वाद को कड़वा कर देती हैं। इसलिए जब भी पान खाने की इच्छा होती है स्वाद के शौकीन पानी में भिगोई हुई पान की गिलौरियां खाना बेहद पसंद करते हैं। हालांकि उन्हें इस बात का मलाल जरूर रहता है कि काश पान की गिलौरियां कभी सूखती या फिर कभी बासी नहीं होती।
दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आंध्र प्रदेश पवेलियन में पान की ताजी गिलौरियां कुछ खास व नया चाहने वालों की भीड़ बटोर रही है। इस पान को आप एक बार खरीद कर कई महीनों तक इसका स्वाद ले सकते हैं। 120 रुपये में 250 ग्राम मिलने वाले इस पान को ड्राई पान के नाम से जाना जाता है। यहां आने वाले खरीदारों को कभी सूखने न वाली इन गिलौरियों की ताजा स्वाद वाली खासियत बता स्टॉल संचालक बेच रहे हैं।
पान खाने का शौक रखने वाले तो इसे खरीद ही रहे हैं, युवा भी माउथफ्रेशनर के रूप में इसका स्वाद ले रहे हैं। इस पान की एक अन्य खासियत यह भी है कि इसे खाने के बाद पीक निकालकर फेंकना नहीं होता बल्कि यह मुंह में घुल जाता है। पान की ये गिलौरियां साधारण पान में डाली जाने वाली सामग्री से तैयार हुई है। हालांकि इसमें प्रिर्जवेटिव मिलाया गया है, जिससे यह न तो सूखती है न ही खराब होती है। कीमत भी ऐसी की लेने से पहले सोचना नहीं पड़ेगा।
मेले में मैसूर का स्वास्थ्यवर्धक हलवा
व्यापार मेले की एक अन्य खासियत है। यह खासियत मैसूर के हलवा से संबंध रखता है। मेला के कर्नाटक पवेलियन में मैसूर के नसीरूद्दीन शाह हलवा के लिए आवाज लगाते दिखेंगे। उनके स्टॉल पर रखा हलवा देखने में किसी केक की तरह लगेगा लेकिन यह सूखे मेवे, आटा, घी और कई अन्य स्वास्थ्यवर्धक चीजों को मिलाकर बनाया गया है। शाह ने पूछे जाने पर बताया कि यह हलवा कर्नाटक के मैसूर शहर की पंसदीदा मिठाई है।
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