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दो दिनों में करोड़ों का नुकसान, चार लाख वाहन चालक चक्का जाम में शामिल-हड़ताल जारी

हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों को नुकसान के साथ सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

दो दिनों में करोड़ों का नुकसान, चार लाख वाहन चालक चक्का जाम में शामिल-हड़ताल जारी
नई दिल्ली. ट्रक मालिकों की सर्वोच्च संस्था एआईएमटीसी की मौजूदा टोल प्रणाली खत्म करने की मांग के सर्मथन में हड़ताल शुक्रवार दूसरे दिन भी जारी रही और देश के विभिन्न भागों में वस्तुओं की आपूर्ति बाधित रही। हड़ताल से ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दूध, फल-सब्जी और दवा जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को हड़ताल के दायरे से बाहर रखा हुआ।
व्यापारी राज कुमार भाटिया का कहना है कि फिलहाल कुछ दिनों स्टॉक मार्केट में है। यदि समय रहते सरकार ने इस ओर ठोस पहल नहीं की तो दिल्ली में खाद्य पदार्थ खासकर दलहन, चावल, आटा, तेल के अलावा अन्य सामानों की कमी होनी शुरू हो जाएगी। साथ ही उनका कहना है कि लंबा वक्त तक चक्का जा रहा, तो दिल्ली के कारोबारियों को भी नुकसान होगा।
वाधवा का कहना है कि यदि केंद्र सरकार ने जल्दी से इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आज से या फिर रविवार से दिल्ली में इसका व्यापाक असर देखने को मिल सकता है। उनका कहना है कि जब अन्य राज्यों से जरूरतमंद सामान दिल्ली में नहीं पहुंचेगा, तो लोगों को कैसे उपलब्ध होगा? दिल्ली में खाद्य पदाथरें का भंडारण भी बड़े स्तर पर नहीं किया जाता। यदि एक दो-दिनों तक और अधिक चक्का जाम रहा तो दिल्ली में स्थिति बिगड़ सकती है।
विरोध करने पर ट्रकों के शीशे भी तोड़े गए।ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष भीम वाधवा का कहना है कि एक अनुमान के अनुसार दो दिनों के चक्का जाम में जहां ट्रांसपोर्ट्स का दिल्ली में तीन-चार हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, दिल्ली सरकार को भी हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। यदि पूरे देश की बात करें तो करीब 30-32 हजार करोड़ रुपये का नुकसान अभी तक सरकार को हो चुका है।
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