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साइकिल से लगेगी प्रदूषण पर लगाम! DMRC का ''किराए पर साइकिल'' योजना दोबारा शुरू करने का निर्णय

नेब सराय और साकेत मेट्रो स्टेशन पर भी पिछले दिनों साइकिल स्टेंड शुरू की गई थी, जिसका अच्छा रेस्पॉन्स देखने को मिल रहा है।

साइकिल से लगेगी प्रदूषण पर लगाम! DMRC का
नई दिल्ली. राजधानी में वायु प्रदूषण के स्तर को बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाने की बात कही जा रही है। अब दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने भी 'किराए पर साईकिल' योजना को दोबारा से शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि दिल्ली में प्रदूषण पर एक सीमा तक काबू पाया जा सके। हालांकि यह योजना पहले भी शुरू की गई थी, लेकिन सवारियों द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाए जाने के कारण खटाई में पड़ गई थी, जिसके बाद इस योजना को कुछ स्टेशनों पर बंद कर दिया गया था।
दिल्ली मेट्रो द्वारा साल 2008 में 15 स्टेशनों पर इस योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन यात्रियों ने जब साइकिल किराये पर लेने में अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई तो 14 स्टेशनों पर साइकिल स्टेंड बंद कर दिया गया था। अब फिर से इस योजना को लाने की तैयारी डीएमआरसी द्वारा की जा रही है, ताकि लोग मेट्रो स्टेशन से आसपास के इलाकों में जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करें।
यहां मिलेंगी साइकिल
बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन, पटेल चौक, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के अलावा हौज खास, अक्षरधाम, एमजी रोड, द्वारका सेक्टर- 14, शास्त्री पार्क, रोहिणी ईस्ट और रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर यात्री साइकिल किराये पर ले सकेंगे। रोहिणी ईस्ट और रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर साइकिल स्टैंड बनाने के लिए एक कंपनी ने अपनी इच्छा जताई है, जिसके साथ नियम व शर्तों को लेकर बात चल रही है।
यहां है सफल
नेब सराय और साकेत मेट्रो स्टेशन पर भी गत दिनों साइकिल स्टेंड शुरू की गई थी, जिसका अच्छा रेस्पॉन्स देखने को मिल रहा है। साथ ही अब यह भी माना जा रहा है कि लोग पर्यावरण को लेकर जागरूक हो रहे हैं। पर्यावरण को लेकर इको फ्रेंडली व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए नए स्टेंड लगाने की योजना डीएमआरसी ने बनाई है।
रिहाइशी इलाकों में भी
इस योजना के तहत रिहायशी इलाकों में भी साइकिल स्टेंड बनाए जाएंगे, ताकि यात्री घर से मेट्रो स्टेशन के लिए साइकिल किराए पर लें और स्टेशन पर बने स्टेंड पर पार्क करें, जिसके बाद घर वापस आने के लिए फिर से साइकिल का प्रयोग करें। माना जा रहा है कि लोग पर्यावरण को लेकर जागरूक हो रहे हैं। अब इस योजना को जरूर पंख लेगा, लेकिन यह तो वक्त ही बताएगा कि पहले जैसे योजना विफल होती है या फिर सफल।
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