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सात मंजिली इमारत के बराबर ऊंचाई पर पहली बार दौड़ी मेट्रो

दिल्ली मेट्रो दिल्ली में पहली बार 23.6 मीटर की ऊंचाई पर दौड़ी है।

सात मंजिली इमारत के बराबर ऊंचाई पर पहली बार दौड़ी मेट्रो

दिल्ली मेट्रो जमीन की गहराई में दौड़ने के बाद अब जमीन से इतनी ऊंचाई पर दौड़ेगी कि नीचे से देखने पर लगेगा जैसे हवा में उड़ रही है। सबसे नीचे सड़क पर सामान्य परिवहन, उसके ऊपर एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो और सबसे ऊपर पिंक मेट्रो दौड़ती दिखाई देगी।

यह नजारा धौला कुआं चौक से गुजरते हुए दिखाई देगा। यहां मेट्रो जमीन से करीब 23.6 मीटर ऊपर बने ट्रैक से गुजरेगी, जोकि लगभग सात मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर अहोगी। यह खंड मजलिस पार्क-शिवविहार लाईन (पिंक लाईन) का हिस्सा है।

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दिल्ली मेट्रो ने पहली बार उक्त हिस्से पर सफलतापूर्वक परीक्षण परिचालन किया है। इस बारे में डीएमआरसी प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि दिल्ली मेट्रो दिल्ली में पहली बार 23.6 मीटर की ऊंचाई पर दौड़ी है।

यह डीएमआरसी का पहला सबसे ऊचा खंड बन गया है, इससे पहले यमुनापार स्थित कड़कड़डूमा में मेट्रो का 19 मीटर ऊंचा ट्रैक है। दयाल ने बताया कि पिंक लाईन के इस खंड पर चल रहे परिचालन परीक्षण के तहत पहली बार दिल्ली में मेट्रो सबसे ऊचे खंड से गुजरी है।

मेट्रो का यह परीक्षण मायापुरी से धौला कुआं होते हुए साउथ कैंपस तक लगभग 6.8 किलोमीटर तक चला,जबकि शकुरपुर-मायापुरी के बीच 6.5 किमी.परीक्षण पहले ही चल रहा है।

उन्होंने बताया कि इतनी ऊंचाई पर ट्रैक निर्माण एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि अत्याधिक भीड़ व एलिवेटिड ट्रैक पर चल रही एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो को क्रॉस करना था।

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सड़क व एयरपोर्ट मेट्रो रोके बिना गैर-ऑपरेटिंग समय (जैसे रात 12.30 से सुबह 4 बजे तक) के बीच ही यहां लांचिंग का कार्य किया गया। सड़क परिवहन के लिए एक अलग सड़क का निर्माण भी किया गया ताकि निर्माण के दौरान किसी को परेशानी ना हो।

बता दें कि मजलिस पार्क-शिव विहार लाईन दिल्ली की रिंग रोड मेट्रो सेवा के रूप में बन रही है। लगभग 59 किमी. लंबे इस कॉरिडोर पर 10 इंटरचेंज स्टेशन होंगे जो सभी लाइनों को जोड़ेंगे।

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