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नर्सरी एडमिशन पर दिल्ली सरकार को बड़ा झटका, HC ने लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से नर्सरी नामांकन को लेकर रास्ता साफ हो गया है।

नर्सरी एडमिशन पर दिल्ली सरकार को बड़ा झटका, HC ने लगाई रोक
नई दिल्ली. दिल्ली के करीब 300 निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले को लेकर केजरीवाल सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि क्वालिटी शिक्षा के नाम पर केजरीवाल सरकार प्राइवेट स्कूलों के साथ ज्यादती नहीं कर सकती है।
हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार इस तानाशाही फैसले से स्टूडेंट के अभिभावकों से अपनी पसंद के स्कूलों में दाखिले के अधिकारों को छीन रहा था, लिहाजा सरकार के इस फैसले पर रोक लगाया जा रहा है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले से नर्सरी नामांकन को लेकर रास्ता साफ हो गया है।
आपको बता दें कि नर्सरी क्लास में नामांकन को लेकर अभिभावकों, प्राइवेट स्कूलों और राज्य सरकार की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसपर हाईकोर्ट ने करीब डेढ़ महीने दलीलें सुनने के बाद यह फैसला दिया है। मालूम हो कि प्राइवेट स्कूलों ने दिल्ली सरकार की नर्सरी में दाखिले के लिए एलजी के दिशा निर्देश को हाईकोर्ट मे चुनौती दी थी।
बता दें कि सरकार की ओर से जारी की गई दिशा-निर्देश में निजी स्कूलों से कहा गया था कि डीडीए की जमीन पर बने स्कूलों में नर्सरी दाखिला लेने के लिए नेबरहुड क्रेटरिया को लागू करेंगे। सरकार की इस निर्देश के बाद दिल्ली के करीब 300 निजी स्कूल प्रभावित हो रहे थे। केजरीवाल सरकार की निर्देश पर स्कूलों की एक्शन कमेटी का कहना था कि उनके हितों को नुकसान नहीं होना चाहिए और छात्रों के साथ भी कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। एक्शन कमेटी ने कहा कि स्टूडेंट के माता-पिता के पास ये अधिकार होना चाहिए की वो अपने बच्चे का किस स्कूल में दाखिला करवाना चाहते हैं।
वहीं इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमोहन के समक्ष निजी स्कूलों ने अपने अधिकारों का हवाला देते हुए कहा था कि सरकार को स्कूलों के दाखिला प्रक्रिया में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब, है कि निजी स्कूलों के एक्शन कमेटी और फोरम फॉर क्वालिटी एजुकेशन ने सरकार द्वार 7 जनवरी को दाखिले के लिए जारी दिशा-निर्देश को चुनौती दी थी।
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