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दिल्ली कैबिनेट कर रही 15 साल में बालिग घोषित, शादी के लिए नहीं करना पड़ेगा 18 का इंतजार!

दो विभिन्न इलाकों में मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले के बाद दिल्ली सरकार ने महिला सुरक्षा पर कैबिनेट की बैठक बुलाई।

दिल्ली कैबिनेट कर रही 15 साल में बालिग घोषित, शादी के लिए नहीं करना पड़ेगा 18 का इंतजार!

नई दिल्ली. राजधानी में महिलाओं के साथ हो रहे अपराध पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंत्रियों का एक समूह बनाया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में यह समूह दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए रिपोर्ट तैयार करेगा। पिछले दिनों दिल्ली के दो विभिन्न इलाकों में मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए, जिसपर संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार ने सोमवार को महिला सुरक्षा पर कैबिनेट की बैठक बुलाई।

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बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर (जीओएम) का गठन किया गया है। इसमें गृहमंत्री सत्येंद्र जैन भी सदस्य होंगे। यह समूह महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए अपराध कानून में बदलाव के लिए अगले 15 दिनों में रिपोर्ट तैयार करेगा। तैयार हुई रिपोर्ट को अगले विधानसभा सत्र में प्रस्तुत भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समूह नाबालिग लड़कियों से नाबालिग अपराधियों द्वारा किए गए अपराध में दोषियों को उम्रकैद या मौत की सजा देने पर विचार करेगा।

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बता दें कि दुष्कर्म, हत्या जैसे गंभीर मामले में नाबालिगों की उम्र 18 से घटा कर 15 करने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन किया जा सकता है। महिला से जुड़े मामलों की जांच के लिए समय सीमा तय की जा सकती है। यदि उक्त जांच में देरी होती है तो जांचकर्ता की जवाबदेही व फारेसिंग रिपोर्ट की मांग कर जांच में तेजी के लिए कह सकती है। जीओएम दिल्ली में महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष महिला थाने का गठन कर सकती है।

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इन थानों में उन महिलाओं के मामलों पर विचार किया जाएगा जो स्थानीय पुलिस की जांच से संतुष्ठ न हो। सीआरपीसी और भारतीय दंड संहिता समवर्ती सूची का विषय हैं जिस पर दिल्ली सरकार के पास अधिशासी शक्ति है। ऐसे में सरकार महिला थाने पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध का कारण लोगों में कानून का डर खत्म होना भी है। हमारे पास राजनीति इच्छा शक्ति है।

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