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धन के अभाव में अब नहीं रुकेगी उच्च शिक्षा

स्कूल से ही उपलब्ध हो जाएंगे विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र

धन के अभाव में अब नहीं रुकेगी उच्च शिक्षा
नई दिल्ली. धन के अभाव में उच्च शिक्षा पाने का सपना अब बच्चों को तोड़ना नहीं होगा। बच्चे अपनी योग्यता के अनुसार उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। यह कहना है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। सोमवार को 12वीं पास बच्चों को शिक्षा लोन देने के लिए वेब पोर्टल को लांच करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव में दिल्लीवासियों से वादा किया था कि बच्चों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध करवाएं जाएंगे। शिक्षा लोन उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। हमारी कोशिश है कि संसाधनों के अभाव में कोई बच्चा उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए।
सीएम ने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि अगले तीन वर्ष में सरकारी स्कूलों की शिक्षा को निजी स्कूलों से बेहतर कर दिया जाए। इसके लिए बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ स्कूलों में सुविधाएं और शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि दिल्लीवासियों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने पर गर्व होगा। उन्होंने कहा कि 12वीं पास बच्चों के लिए लांच की गई इस योजना के बाद कोई भी बैंक बच्चों को लोन देने से मना नहीं कर पाएगा। लोन लेने के लिए सरकार ने नीतियों को उदार बनाया है।
वहीं इस मौके पर उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा पेश उच्च शिक्षा एवं दक्षता विकास गारंटी योजना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इस कोशिश के माध्यम से छात्रों को बैंक ऋणों की गारंटी की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि इस योजना को पिछले वर्ष ही लांच कर दिया गया था लेकिन स्कीम को और पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन भी उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और योजना से जुड़े बैंक उन्हें लोन उपलब्ध कराएंगे। इस कोशिश के बाद अधिक बच्चे अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।
स्कूलों में अभिभावकों को अपने बच्चे का प्रमाण-पत्र के लिए भटकना नहीं होगा। दिल्ली सरकार बच्चों के सभी आवश्यक प्रमाण-पत्रों को स्कूल के माध्यम से ही उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। इस कोशिश को सफल बनाने के लिए सभी स्कूलों में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जिसका कार्यभार जिलाधिकारी कार्यालय से बनने वाले प्रमाण पत्र के लिए स्कूल में ही आवेदन हासिल करना व उन्हें बनवाने में मदद करना होगा।
इस दिशा में सोमवार को नवयुग सीनियर सैकेंडरी स्कूल, सरोजनी नगर में पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करते हुए उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह महसूस किया गया है कि स्कूलों में प्रवेश के दौरान प्रमाण पत्र की मांग बढ़ जाती है। जिन्हें समय पर उपलब्ध करवाने में अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार अभिभावकों की समस्या को दूर करने के लिए योजना तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र के सभी स्कूलों में एक शिक्षक या आईटी अधिकारी को प्रशिक्षित किया गया।
उन्होंने बताया कि 10 जून को सभी प्रधानाचार्य के साथ इस विषय पर बैठक हुई और 14 जून को चयनित 65 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान ई- डिस्ट्रीक के तहत चल रहे कई परियोजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी गई। टैनिंग के बाद इन शिक्षकों ने अभिभावकों ने उनके प्रमाण पत्र की जानकारी हासिल की। यह शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त होने वाले प्रमाण पत्रों को स्कूल से उपलब्ध करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्कूल में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। जो पूरी योजना को सुचारू कार्यान्वयन के लिए मदद करेगा।
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