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ऐप आधारित कैब सामान्य टैक्सी की तरह: दिल्ली सरकार

विजय छिब्बर ने ने कहा कि एप आधारित कैब कंपनियां एग्रीगेटर या डिजिटल प्रौद्योगिकी के डेवलपर तक खुद को नहीं सीमित कर सकतीं।

ऐप आधारित कैब सामान्य टैक्सी की तरह: दिल्ली सरकार

नई दिल्ली. सरकार ने उबर और ओला जैसी ऐप आधारित कैब की निगरानी करने वाले कानून के बारे असमंजस को समाप्त करते हुए सोमवार को कहा कि इस तरह की कैब्स को किसी अन्य टैक्सी सेवा की तरह ही माना जाएगा और वह जल्द इस बारे में राज्यों को दिशानिर्देश जारी करेगी।

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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव विजय छिब्बर ने ने कहा कि एप आधारित कैब कंपनियां एग्रीगेटर या डिजिटल प्रौद्योगिकी के डेवलपर तक खुद को नहीं सीमित कर सकतीं। ऐप आधारित कैब सेवा भी किसी सामान्य कैब की तरह है। सड़क सुरक्षा पहलों पर अंतरराष्ट्रीय सड़क महासंघ के सम्मेलन के मौके पर अलग से बातचीत में छिब्बर ने कहा कि सरकार जल्द राज्यों को ऐप आधारित कैब्स के लिए परार्मश जारी करेगी।

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उन्होंने बताया कि यह परार्मश जल्द जारी किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने गत एक जनवरी को ऐप आधारित सेवाओं पर उस समय तक प्रतिबंध लगा दिया है जब तक कि वे रेडियो टैक्सी योजना 2006 के दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं करतीं। इस दिशानिर्देशों में पिछले साल दिसंबर में उबर कैब में एक महिला के साथ बलात्कार की घटना के बाद 26 दिसंबर को संशोधन किया गया था।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, लुका छिपी खेल रही हैं टैक्सी कंपनियां-
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