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दिल्ली: डेंगू का कहर, RML में 2 और जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में 23 की मौत

डेंगू रोधी अभियान में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उत्तरी निगम चिंतित है और अब उन्हें हेल्थ किट प्रदान करेगी।

दिल्ली: डेंगू का कहर, RML में 2 और जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में 23 की मौत
नई दिल्ली. राजधानी में डेंगू के प्रकोप को रोकने में लगे सरकारी महकमे की कोशिशों को डेंगू से मौत के बढ़ते आंकड़े नाकाम साबित कर रहे हैं।उत्तरी दिल्ली नगर निगम डेंगू की जांच के लिए जल्द ही अपने चार जोनों में एनालाईजा एनएस वन जांच सेंटर खोलेगा। नए सेंटर के लिए स्थाई समिति अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने निगमायुक्त पी के गुप्ता को निर्देश दिए हैं। दिल्ली के एक निजी अस्पताल जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल में डेंगू से इस वर्ष अबतक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। विभिन्न आयुवर्ग के इन लोगों का अस्पताल में डेंगू के इलाज के दौरान मौत हुई है। अस्पताल प्रशासन ने बकायदा डेंगू से हुई 21 मृतकों के नाम की लिस्ट भी जारी की है। हालांकि लिस्ट में डेंगू से हुई दो अन्य मृतकों का नाम नहीं है। इसे मिलाकर एक निजी अस्पताल में ही अबतक 23 लोगों की मौत हुई है। वहीं लगभग 400 डेंगू पीड़ितों का अस्पताल में इलाज हुआ है।
जयपुर गोल्डन अस्पताल उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आता है। जहां इस वर्ष सबसे अधिक डेंगू के मामले आए हैं। नगर निगम द्वारा सोमवार को जारी डेंगू के साप्ताहिक आंकड़े में भी सबसे अधिक 1293 मरीज इसी क्षेत्र से हैं। इनमें से नरेला में अबतक 321, सिविल लाइन में 283 व रोहिणी में 269 डेंगू के मामले आए है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले अन्य इलाकों से भी डेंगू के बड़ी संख्या में मामले आए हैं। पिछले कुछ दिनों से राजधानी के किसी न किसी अस्पताल में डेंगू से मौत की खबर आ रही है। हालांकि नगर निगम के आंकड़े इसे झुठलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अस्पतालों में डेंगू मरीजों से भरे वॉर्ड और इलाज में लगे डॉक्टरों की फौज डेंगू के बढ़ते प्रकोप की कहानी बयां कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा छोटे-बड़े निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या और सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा स्थिति नियंत्रण में होने के आश्वासन के बीच बुधवार को राजधानी के सरकारी अस्पताल राममनोहर लोहिया अस्पताल में डेंगू से दो मौत की बात सामने आई है।
डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच गिलोय और पपीते के पत्ते, एलोवेरा और बकरी के दूध की मांग दिल्ली में बढ़ने पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने कहा है कि इसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि ये डेंगू का मुकाबला करने में मददगार हैं। एम्स के डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे इनके पीछे भागने के बजाय डेंगू से बचाव के संबंध में एहतियात बरतें। बुखार होने पर स्वयं कोई दवाई न लें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इस दौरान तरल पदार्थ का सेवन करते रहें।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने बुधवार को कहा कि औषधि विभाग किसी कंपनी द्वारा डेंगू का टीका विकसित किए जाने पर फौरी आधार पर सभी मंजूरी देगा। फिलहाल, भारत में डेंगू का कोई टीका नहीं है। सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया डेंगू के वायरस के उपचार के लिए एक दवा पेश करने की मंजूरी मांगने की योजना बनाने की मंगलवार को खबर आई थी।खबरों के मुताबिक सेरम ने डेंगू की अपनी दवा मनोक्लोनल एंटीबॉडी वीआईएस5 13 बेचने के लिए अमेरिका की बायोटेक विस्टेरा से अधिकार प्राप्त किया है। अहीर ने 'डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स' की संशोधित वेबसाइट को पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार डेंगू वायरस के प्रति संवदेनशील है, हम रोग के इलाज के लिए जरूरी अन्य दवाओं की कीमतों पर नजर रखे हुए हैं। अहीर ने कहा कि यदि कोई कंपनी किसी मंजूरी के लिए हमारे विभाग का रुख करती है या डेंगू की किसी दवा के लिए अन्य मंजूरी की जरूरत होती है, तो हम स्वास्थ्य मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद यथाशीघ्र उसे मंजूरी दे देंगे।
अधीक्षक का इनकार
हाईकोर्ट में वकील व सामाजिक कार्यकर्ता अशोक अग्रवाल ने बताया कि वे शनिवार को जयपुर गोल्डन अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज की व्यवस्था देखने गए थे। वहां उन्हें अगस्त-सितंबर में अस्पताल में इलाज के दौरान डेंगू मरीजों की हुई मौत की लिस्ट मिली। इसमें 21 लोगों का नाम है। हालांकि अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशाली ने बताया कि इतने मरीजों की डेंगू से अस्पताल में मौत नहीं हुई होगी। बृहस्पतिवार को जांच के बाद ही कुछ कह सकती हूं।
आयुर्वेदिक औषधियां लाभकारी
आयुर्वेंद द्वारा डेंगू का उपचार किया जा सकता है। निगम की विभिन्न आयुर्वेंदिक डिस्पेंसरियों में आने वाले डेंगू मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इस बारे में आयुष के निदेशक डॉ. विजय शर्मा ने स्थाई समिति को बताया कि डेंगू से निपटने के लिए आयुर्वेंद में कई औषधियां मौजूद है। उन्होंने कहा कि पीपते के पत्ते, गिलोय की बेल, बकरी का दूध व कई अन्य आयुर्वेंदिक तरीकों से डेंगू का उपचार संभव है व बेहद सरल भी है। उन्होंने कहा कि निगम के हिंदूराव और कस्तूराबा गांधी अस्पताल में एनालाईजा एनएस वन जांच की जाती है, लेकिन निगम वर्तमान हालात को देखते हुए चार नए एनालाईजा एनएस वन जांच सेंटर खोलना चाहता है। इस मामले पर डायरेक्टर होस्पीटल एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. सेठ ने कहा कि दिल्ली में 33 अन्य संस्थान है जहां एनालाईजा एनएस वन जांच की जाती है, इसलिए और जरूरत नहीं है। अगर चार जांच केंद्र शुरू होगें तो उससे लोगों को मदद ही मिलेगी, इसलिए नए सेंटर जल्द खोले जाए।
कर्मचारियों को हेल्थ किट
डेंगू रोधी अभियान में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उत्तरी निगम चिंतित है और अब उन्हें हेल्थ किट प्रदान करेगी। इस किट में मुंह पर लगाने वाला मास्क, दस्ताने व अन्य उपकरण होंगे। कर्मचारियों को हेल्थ किट देने का फैसला बुधवार को हुई स्थाई समिति की बैठक में लिया गया। इस मामले को सदस्य राजेश भाटिया ने बैठक में उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तरी निगम में करीब 350 कर्मचारी डेंगू रोधी अभियान में जुटे हैं। लगातार दवाई छिड़काव व धुआं करने तथा अन्य कार्यों की वजह से कर्मचारियों में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। निगम के पास इस मद में करीब 30 करोड़ रुपये का बजट है, ऐसे में मास्क और दस्ताने आदि पर बहुत मामूली रकम ही खर्च होगी। इसके बाद स्थाई समिति के चेयरमैन मोहन भारद्वाज ने निगमायुक्त को मास्क और दस्ताना मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
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