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दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति जस की तस, चारों ओर जहरीली हवा

प्रदूषण के कारण दिल्ली में सांस लेना भी दूभर हो गया है।

दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति जस की तस, चारों ओर जहरीली हवा
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नई दिल्ली. पिछले छह दिनों से राजधानी में प्रदूषण की स्थिति जस की तस बनी हुई है। केंद्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकाय भी प्रदूषण से निबटने में नाकाम साबित हो रही हैं।
नगर निगम तो इससे निपटने के लिए अभी पंद्रह दिनों का और समय मांग रही है। प्रदूषण के चलते दिल्लीवासियों को जहां परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । वहीं दमा, हृदय और एलर्जी के मरीजों का हाल बुरा हो रहा है। हालांकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के साथ भलस्वा सेनिटरी लैंडफिल साइट का दौरा करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माना कि इस लैंडफिल के कूड़ा का प्रबंधन करके ही प्रदूषण से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लैंडफिल पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पड़ोसी राज्यों के खेतों में जल रही पराली राजधानी के पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई है। दोनों मंत्रियों के साथ इस दौरो में संबंधित विभागों के आला अफसरों के अलावा एमसीडी के आला अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान मंत्रियों ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि इस लैंडफिल में हमेशा आग लगी रहती है। लैंडफिल में फैली आग और कूड़े की बदबू से इलाके में गंभीर प्रदूषण फैल रहा है। सत्येंद्र जैन के अनुसार, दिल्ली नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि 15 दिन के भीतर इस आग पर काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास इस कूड़े के निपटारे का है। वहीं, इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्लीवालों से अपील की कि वह भी दिल्ली को प्रदूषित होने से बचाने में सरकार की मदद करें। जैन ने कहा कि लोगों के गाड़ी खरीदने से कही ज्यादा जरूरी है, बच्चों को बढ़ते प्रदूषण से बचाना है।
बता दें कि प्रदूषण के कारण दिल्ली में सांस लेना भी दूभर हो गया है। हर बीतते दिन के साथ दिल्ली के हालात बदतर होते जा रहे हैं। छह मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिली रिपोर्ट को आधार बनाते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को हवा का स्तर बेहद गंभीर रहा। दिल्ली की सूचकांक मूल्य 485 दर्ज किया गया। शनिवार को पीएम 2.5 का एवरेज लेवल 355 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम) दर्ज हुआ। यह नॉर्मल से छह गुना ज्यादा दर्ज हुआ है। सामान्यत: यह 60 एमजीसीएम होता है।
पीएम 10 का एवरेज लेवल 482 एमजीसीएम दर्ज हुआ है, जो कि सामान्य से काफी अधिक रहा। सामान्यत: यह 100 एमजीसीएम रहता है। वहीं छह दिन पहले बीत चुकी दिवाली के बाद भी प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। धुंध भी छंटने का नाम नहीं ले रही है। 25 किमी से ज्यादा की रफ्तार से हवाओं के चलने की संभावना इस हफ्ते कम है, ऐसे में स्मॉग से जल्द छुटकारा मिलना संभव नहीं है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार, सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 28 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य 15.4 डिग्री दर्ज हुआ।
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