Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कोहरे ने रोकी 50 लाख लोगों की ट्रेन, रेलवे को 50 करोड़ का नुकसान

रेलवे को लगभग 50 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।

कोहरे ने रोकी 50 लाख लोगों की ट्रेन, रेलवे को 50 करोड़ का नुकसान
नई दिल्ली. कोहरे की वजह से यात्रियों को यातायात सुविधाओं में बड़ी ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजधानी दिल्ली में कोहरे की वजह से कई ट्रेनें अपने समय के अनुसार बहुत ही लेट चल रही हैं। कई ट्रेनें तो रद्द भी हो जा रही हैं। इस वजह से सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कोहरे की वजह से लोगों के साथ-साथ रेलवे को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
दरअसल इस मौसम में अब तक दिल्ली से आने-जाने वाले 50 लाख से भी अधिक यात्रियों पर कोहरे का असर रहा है। साथ ही रेलवे को लगभग 50 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है।
दिल्ली आने-जाने वाली करीब 1650 ट्रेनें देरी से चलीं
नॉर्दर्न रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 1 दिसंबर से अब तक दिल्ली आने-जाने वाली करीब 1650 ट्रेनें देरी से चलीं। इनमें से कुछ ट्रेनें 20 घंटे से भी अधिक की देरी से आईं और गईं। इसके अलावा 130 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि 425 ट्रेनों के टाइम को बदला गया।
रेलवे को यात्रियों की समस्या का थोड़ा अहसास हुआ
नॉर्दर्न रेलवे की दिल्ली डिविजन को अब जाकर यात्रियों की समस्या का थोड़ा अहसास हुआ और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर-16 पर एक होल्डिंग एरिया बनाया ताकि उन्हें ठंड से बचाया जा सके।
कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी जा रही
इधर, यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से ट्रेन में देरी होने पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी जा रही है। यात्रियों के परेशान होने की यह एक बड़ी वजह है। अगर समय रहते यात्रियों को यह पता लग जाए कि उनकी ट्रेन कितनी देरी से चलेगी तो उनकी परेशानी कम हो सकती है। ट्रेन के हिसाब से ही वे स्टेशन पहुंचेंगे।
सर्विस 139 को और दुरूस्त करने की जरूरत
यात्रियों ने कहा कि रेलवे की इस कमी के चलते कितने ही यात्री ट्रेन की टाइमिंग के हिसाब से स्टेशन पर पहुंच जाते हैं। स्टेशन जाने पर पता लगता है कि ट्रेन 10 घंटे या फिर इससे भी अधिक लेट है। ऐसे में रेलवे को अपना ऑनलाइन और टेलिफोन सर्विस 139 को और दुरूस्त करने की जरूरत है। रेल यात्रियों का यह भी कहना है कि रेलवे की ओर से हर साल कोहरे के असर से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम के दावे किए जाते हैं, लेकिन सच्चाई इससे पूरी तरह अलग है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top