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चाहकर भी काबू नहीं हो रहे महिला अपराध!

पिछले वर्ष बलात्कार के जो मामले 563 थे वे इस वर्ष 578 तक जा पहुंचे।

चाहकर भी काबू नहीं हो रहे महिला अपराध!

नई दिल्ली. एक तरफ जहां दिल्ली पुलिस बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को अपराध के प्रति शैग करने के अलावा महिलाओं और छात्रों को सशक्त बनाने के लिए आए दिन नए-नए प्रयोग कर रही है उसके बावजूद भी राजधानी दिल्ली में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध में किसी तरह की कोई कमी नहीं आ रही है।

महिलाओं के प्रति यौन शोषण के मामले हों, या फिर घरेलु हिंसा के मामले सभी तरह के अपराध तेजी से बढ़ते दिखाई देते हैं। हद तो यह है कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर पूरी तरह से सक्रिय दिखाई दे रहे महिला आयोग के बार-बार कहने के बावजूद भी दिल्ली पुलिस महिला अपराध पर लगाम कसने में कोई ठोस उपाय करते नहीं दिखती जिसका नतीजा फिर से अपराध का ग्राफ बढ़ने लगता है।
अगर गृह मंत्रालय से मिले आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि पिछले चार सालों में राजधानी में बलात्कार के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। सिर्फ 15 अप्रैल तक के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि पिछले वर्ष बलात्कार के जो मामले 563 थे वे इस वर्ष 578 तक जा पहुंचे। महिलाओं के शील के अपमान यानि छेड़छाड़ के दर्ज मामले बताते हैं कि 2012 में जो संख्या सिर्फ 208 थी वह 2015 में 1492 तक जा पहुंची।
अब बात करते हैं घरेलु हिंसा और दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामलों की, तो आंकड़े ही बताते हैं कि वर्ष 2012 में पति और ससुराल द्वारा क्रूरता किए जाने के मामले 2046 थे वह 2015 तक साढ़े तीन हजार से ऊपर तक जा पहुंचे। बीते साल 15 अप्रैल तक 923 मामले दर्ज किये गए थे जो इस साल 1150 तक पहुँच गए। कहने को दिल्ली देश की राजधानी है यहां महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करने वाले संगठन और एजेंसियों के रहते हुए भी दहेज हत्या जैसे जंघन्य अपराध में भी हर साल इजाफा ही होता दिखा।
वर्ष 2012 में जहां दहेज हत्या के 134 मामले दर्ज हुए वहीं 2014 तक यह संख्या बढ़कर 144 पहुंची वहीं बीते वर्ष अप्रैल तक 42 मामले थे जो इस साल बढ़कर 44 हो चुके हैं। इसके अलावा महिलाओं लड़कियों के अपहरण के मामले बताते हैं कि वर्ष 2012 में अपहरण के 2048 मामले हुए थे जो हर साल बढ़ते रहे। बीते वर्ष अप्रैल तक 1110 मामले दर्ज हुए जबकि इस साल सिर्फ 973 मामले ही सामने आये।
अपराध 2012 2013 2014 2015 2015 2016
-बलात्कार (376) 706 1636 2166 2199 563 578
-इरादे से महिला पर हमला 727 3515 4322 5367 1276 1261
-महिलाओं के शील का अपमान 208 916 1361 1492 408 278
-महिला का अपहरण 2048 3286 3604 3738 1110 973
-महिला को भगा ले जाना 162 323 423 556 148 153
-पति और ससुराल द्वारा क्रूरता 2046 3045 3194 3536 923 1150
-दहेज हत्या(304 बी) 134 144 153 122 42 44
-दहेज निषेध अधिनियम 15 15 13 20 7 5
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