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चिकनगुनिया से नहीं घबराना: चिकित्सक

चिकित्सकों ने कहा चिकनगुनिया भी एक वायरल रोग होता है

चिकनगुनिया से नहीं घबराना: चिकित्सक
नई दिल्ली. दिल्ली में चिकनगुनिया मामलों में सहसा वृद्धि के बीच चिकित्सकों एवं सरकारी अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे घबराये नहीं क्योंकि यह वाहक (वेक्टर) जनित रोग है जिसमें रोगी पस्त तो हो जाता है किन्तु मृत्युभय नहीं रहता है। उन्होंने मच्छरों के प्रजनन को रोकने के कई उपायों का सुझाव दिया है। चिकनगुनिया भी एक वायरल रोग होता है तथा इसके लक्षण डेंगू के समान ही होते हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अस्पताल में भर्ती होने के लिए हड़बड़ी नहीं मचाए और घबराए नहीं।

डेंगू की तरह मृत्युभय नहीं
एम्स में सूक्ष्मजीवविज्ञान विभाग के अनुसार कि डेंगू मामलों की तुलना में इसके रोगियों में जोड़ों का दर्द लंबा खिंचता है विशेषकर बुजुर्ग लोगों को तो बहुत कष्ट हो जाता है। हालांकि लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसमें डेंगू की तरह मृत्युभय नहीं होता।
लक्षण.....
1. तीन से सात दिनों के अंदर बुखार और जोड़ों के दर्द के रूप में दिखाई देने लग जाते हैं। इस रोग को शरीर में आने के बाद 2 से
2. दिन का समय फैलने मे लगता है। रोग के लक्षणों में 102.2 डिग्री तक बुखार रहता है।
3.शरीर के विभिन्न जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है।
4. बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है।
5. शरीर के कई हिस्सों सहित हाथों और पैरों पर चकते बनने लगते हैं।
6. सिरदर्द, रोशनी से डर लगना, आंखों में समस्या होना, कमजोरी आना और नींद ना आने जैसी शिकायतें होने लगती हैं।
7. मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में सूजन आती है।
8. आम तौर पर ये सभी लक्षण 5 से 7 दिन तक रहते हैं लेकिन रोगियों को लम्बे समय तक जोड़ों में दर्द रह सकता है कई बार ये रोगी की उम्र पर निर्भर करता है।
9. राष्ट्रीय वाहक जनक रोग नियंत्रण कार्यक्रम निदेशक एसी धारीवाल ने बताया कि यह रोग उसी एडिस एजेयिप्टि मच्छर से होता है जिससे डेंगू होता। इसमें अंतर यही है कि डेंगू वायरस में चार स्टेंन होते हैं जबकि चिकनगुनिया में एक।
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