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अगले साल दिल्ली से आगरा के बीच चलेगी रीवर बसें

यमुना के सुधार की योजनाओं पर काम शुरू

अगले साल दिल्ली से आगरा के बीच चलेगी रीवर बसें
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नई दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने यमुना नदी की परियोजनाओं के तहत ऐलान किया है कि जल्द ही दिल्ली से आगरा तक यमुना नदी के जल स्तर और स्वच्छता में सुधार करके रीवर बसे चलाने की योजना है। वृंदावन में यमुना नदी के सुधार के लिए नमामि गंगे की परियोजनाओं के शुभारंभ के दौरान समारोह की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यमुना के जल को अविरल किये बिना गंगा के जल की निर्मलता की कल्पना नहीं की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि 40 करोड़ रुपये की इस एसटीपी परियोजना और यमुना के सुधार से दो करोड़ लीटर पानी का प्रतिदिन शोधन होकर मथुरा रिफाइनरी को मिलेगा तो शहरों व कस्बो का गंदा पानी नदी में नहीं जा सकेगा और यमुना की स्वच्छता की परियोजनाओं से स्वच्छ होने से जल व वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जल परिवहन परियोजना के तहत सरकार की यमुना नदी में दिल्ली से आगरा तक रीवर बसे चलाने की योजना है। उन्होंने कहा कि शुरू की जा रही नमामि गंगे परियोजना के साथ ही जल परिवहन परियोजनाओं को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यमुना के पानी को साफ करने के लिए सुश्री उमाभारती ने तीन भागों में बांटा है, जिसमें हथनी कुंड से वजीराबाद, दिल्ली से मथुरा-वृंदावन और यहां से आगरा तक की योजनाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि यमुना नदी के सुधार के बाद नदी में 45 मीटर चौड़ाई और तीन मीटर ऊंचा जल स्तर आते ही यमुना में सबसे पहले दिल्ली से आगरा तक के लिए मोटर बसे यानि रीवर बसे चलाई जाएंगी और लोग सड़क मार्ग के बजाए जल मार्ग से सफर करना ज्यादा पंसद करेंगे। गडकरी ने कहा कि अगले तीन महीने में वजीराबाद से दिल्ली तक जल यातायात का प्रयोग शुरू कर दिया जाएगा।
कचरे से बनेगा र्इंधन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मथुरा में स्थापित किये जाने वाले 20एमएलडी के सीवेज जलशोधन संयत्र से अपशिष्ट जल के शोधन की प्रक्रिया का खुलासा करते हुए कहा कि इस अपशिष्ट जल से ठोस कचरे से जहां खाद मिलेगी, वहीं इससे निकलने वाली मिथेन गैस से बायो-र्इंधन बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जितनी मात्रा में अपशिष्ट जल को रि-साईकिलिंग किया जाएगा, उससे निकलने वाली गैस से बायो-र्इंधन से कम से कम तीस बसे चलाई जा सकती हैं। कचरे को उपयोग पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में गाजीपुर के कचरे को रि-साईकिलिंग करके उसका प्रयोग सड़क निर्माण में करने का निर्णय लिया गया है।
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