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टैंकर घोटालाः शीला को बचा रही है बीजेपी - आप

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर 400 करोड़ रुपए के वाटर टैंकर घोटाले का आरोप है।

टैंकर घोटालाः शीला को बचा रही है बीजेपी - आप
नई दिल्ली. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में हुए टैंकर घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने आरोप लगाते हुए इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित जल मंत्री को घेरा है। वहीं आप सरकार ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी शीला दीक्षित को बचाना चाहती है। जबकि एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच के दायरे में मुख्यमंत्री केजरीवाल भी आ गए है।
इस संबंध में जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में हुए टैंकर घोटाले की जांच कर 125 पेज की रिपोर्ट एसीबी को सौंप दी गई है। एसीबी को तुरंत रिपोर्ट के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करना चाहिए लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही। भाजपा भी सभी मुद्दों पर बात कर रही है लेकिन कोई शीला दीक्षित को गिरफ्तार करने के मामले में कुछ नहीं बोल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में एक लॉबी है जो शीला दीक्षित को बचाना चाहती है। खुद शीला दीक्षित ने भी कहा है कि टैंकर घोटाले के लिए भाजपा भी साथ में थी। उन्होंने कहा कि एसीबी को चाहिए कि वह तुरंत पूर्व मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर उनसे 400 करोड़ रुपये रिकवर करे।
फोन रिकोर्ड पर सरकार नहीं कर रही है कार्रवाई
आप प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि एस्सार द्वारा किए गए फोन टेंपिंग मामले में कई कैबिनेट मिनिस्टर समेत मुकेश अंबानी, अनिल अंबानी और कई बड़े ब्यूरोक्रेट के नाम सामने आए। इसमें सरकार और उद्योग घरानों के बीच की साठगांठ की बात भी उजागर होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे सूत्रों ने बताया कि इस साल मार्च महीने में शिकायतकर्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली से मुलाकात कर इस मामले की जानकारी दी थी और वित्त मंत्री के द्वारा ही प्रधानमंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई थी। प्रधानमंत्री के द्वारा इस गंभीर मामले में कड़े कदम उठाने के आश्वासन बावजूद इसके अभी तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस मामले में गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
जांच राजनीति से प्रेरितः शीला दीक्षित
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 400 करोड़ रुपए के वाटर टैंकर घोटाले से उन्हें जोड़ने के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। एक दिन पहले ही उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने इस जांच के समय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसका तब आदेश दिया गया है जबकि पंजाब एवं उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव की तैयारियां गति पकड़ रही हैं।
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