Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दिल्ली: 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म, पीड़िता से मिलने एम्स पहुंचे सीएम

बच्ची की एम्स में मेजर सर्जरी की गई है।

दिल्ली: 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म, पीड़िता से मिलने एम्स पहुंचे सीएम
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में 13 साल की बच्ची के साथ क्रूर तरीके से बलात्कार की घटना सामने आई है। घटना के बाद उसे प्रहलादपुर इलाके में रेलवे ट्रैक के पार फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में उसके पड़ोसी किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता अनाथ और मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसे एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बच्ची की एम्स में मेजर सर्जरी की गई है। बच्ची के घरवाले नहीं हैं और वह मानसिक रूप से बीमार है। आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बच्ची से मिलने एम्स रवाना हो चुके हैं।
बच्चियों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल
सीएम बोले, 'महिलाओं की सुरक्षा के सिलसिले में यह खतरे की स्थिति है। लेकिन हमारे हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला है। मैंने आज राजनाथ सिंह जी से मिलने के लिए टाइम मांगा। अगर लोकल लेवल पर एजेंसीज जनता के साथ मिलकर काम करें तो स्थिति सुधरेगी।' बुधवार को एम्स में बच्ची की हालत जानने पहुंची दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल ने कहा कि लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। यह बहुत दुख की बात है। स्वाति ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए दिल्ली में एक हाई लेवल कमिटी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल और होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह महीने में कम से कम दो बार मीटिंग करनी चाहिए। पुलिस राजनाथ सिंह के पास है और बाकी सुविधाएं दिल्ली सरकार के पास हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए यह कमिटी बना दें।
दिल्ली पुलिस ने इस केस के बारे में महिला आयोग को नहीं बताया
स्वाति ने कहा कि एक बार फिर 13 साल की बच्ची के साथ रेप हुआ और उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। एम्स के डॉक्टर ने बताया कि बच्ची को चार से पांच दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। डॉक्टर ने कहा है कि बच्ची का खास ध्यान रखना होगा। बच्ची के पेट के अंदर एक बैग डाला गया है, जिसे रोजाना चेंज करना होगा। स्वाति ने कहा कि इस बच्ची को इतनी मदद की जरूरत है, फिर भी दिल्ली पुलिस ने इस केस के बारे में महिला आयोग को नहीं बताया। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश है कि ऐसे हर मामले की सूचना आयोग को देनी है। पुलिस के इस रवैये के लिए आयोग ने नोटिस जारी किया है।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, खबरों से जुड़ी अन्य जानकारी -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top