Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दि‍ल्‍ली की यमुना को श्री श्री ने कर दि‍या बरबाद: रि‍पोर्ट

हमेशा के लि‍ए उजाड़ दी यमुना की बायोडायवर्सिटी

दि‍ल्‍ली की यमुना को श्री श्री ने कर दि‍या बरबाद: रि‍पोर्ट
नई दिल्ली. दिल्ली में आर्ट ऑफ लिविंग द्वार वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल को लेकर एनजीटी की एक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बता दें कि यमुना के किनारे श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग ने 11 से 13 मार्च तक वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल का आयोजन किया था। जिसके बाद रविशंकर को नोटिस जारी किया गया था।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) द्वारा नियुक्त एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मार्च 2016 में आयोजित आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के कार्यक्रम के कारण दिल्ली में यमुना के किनारे वाले इलाके को गहरा नुकसान पहुंचा है। समिति की पूरी रिपोर्ट जल्द ही आर्ट ऑफ लिविंग और मामले से जुड़े दूसरे पक्षों को भी भेजी जाएगी।
तो वही दूसरी तरफ याचिकाकर्ता के वकील ऋत्विक दत्त ने कहा कि एनजीटी ने जल मंत्रालय ने मुआवजे की रकम और स्थाई समिति के बारे में पूछा है। समिति को यह रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी। बता दें कि समिति ने कहा कि फाउंडेशन को 120 रुपये का मुआवजा चुकाना चाहिए जो भी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा है कि यह स्थाई मुद्रिक मुआवजा नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आर्ट ऑफ लिविंग को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। पांच करोड़ रूपए का जुर्माना वह पहले ही अदा कर चुका है। यह जुर्माना दरअसल पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के तौर पर लिया जाता है। एनजीटी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एवज में यह जुर्माना वसूलती है। इस राशि का इस्तेमाल पुनः पर्यावरण की वास्तविक स्थिति की बहाली के लिए किया जाता है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Next Story
Top