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AAP MLA सरिता ने नौकरी के नाम पर हड़पे 9 लाख रुपए!

शिकायतकर्ता का कहना है कि नौकरी न लगने पर विधायक रुपए देने से इनकार कर रही हैं

AAP MLA सरिता ने नौकरी के नाम पर हड़पे 9 लाख रुपए!
नई दिल्ली. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होती नहीं दिख रही हैं। अब रोहतास नगर की आप विधायक सरिता सिह के खिलाफ उन्हीं की पार्टी के एक स्थानीय नेता शकील अहमद ने नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लोगों से नौ लाख रुपए ठगने का आरोप लगाया है। उसने सरिता के खिलाफ वेलकम थाने में शिकायत दी है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि नौकरी न लगने पर विधायक रुपए देने से इनकार कर रही हैं। विधायक से उनकी जान को खतरा है। उधर, विधायक सरिता ने आरोपों निराधार बताया है। उनका कहना है कि शकील अहमद ने फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपए का गबन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शकील की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है।
शकील अहमद के मुताबिक वह चार वर्षों से पार्टी से जुड़े हुए हैं। पार्टी ने उन्हें अल्पसंख्यक विभाग का अध्यक्ष बनाया है। सरिता सिह ने विधायक बनने के बाद उन्हें क्षेत्र में बिजली से जुड़े मामले देखने की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही वह रुपए की मांग करने लगीं।
शकील ने बताया कि लोगों के बिजली के बिलों को कम कराने के एवज में हजारों रुपए लेकर उन्होंने सरिता सिह को दिए, लेकिन विधायक ने कहा कि पार्टी को अधिक पैसों की जरूरत है। कुछ बड़ा काम करो। बकौल शकील उन्होंने विधायक को बताया कि क्षेत्र के कुछ लोग अपने बच्चों को नौकरी दिलाना चाहते हैं।
इस पर विधायक ने कहा कि वह श्रम मामलों की संसदीय सचिव हैं। नौकरी लगवा देंगे लेकिन एक के लिए तीन लाख रुपए देने होंगे। शकील ने बताया कि उन्होंने तीन लोगों से तीन-तीन लाख रुपए लेकर सरिता सिह को दिए। कई दिनों के बाद भी किसी की नौकरी नहीं लगी। उन्होंने विधायक से पूछा तो पहले तो ना-नुकुर करने लगीं और बाद में उन्होंने मुझे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
करीब एक महीने पहले शकील अहमद ने क्षेत्र में बिना मेरी अनुमति के कुछ लाइटें लगवाई थी और फर्जी हस्ताक्षर कर करीब साढ़े चार लाख रुपए विभाग से निकलवा लिए थे। इसकी जानकारी होने पर मैंने मामला दर्ज कराने को कहा तो शकील ने माफीनामा लिखकर दे दिया। इंसानियत के नाते मैंने उस वक्त कोई मामला दर्ज नहीं कराया, लेकिन भ्रष्टाचारी को अपने साथ नहीं रख सकती, इसलिए उन्हें पार्टी और अल्पसंख्यक विभाग से हटा दिया था। इसी वजह से इस तरह के अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। - सरिता सिह, विधायक
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