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दिल्ली में रोज 9 में से 4 महिलाओं के साथ होता है दुष्कर्म: रिपोर्ट

दुष्कर्म और इस तरह की घटनाओं का ग्राफ 2015 की जनवरी और जुलाई के बीच 1842 तक पहुंच गया।

दिल्ली में रोज 9 में से 4 महिलाओं के साथ होता है दुष्कर्म: रिपोर्ट
नई दिल्ली. महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों में दिल्ली पुलिस द्वारा जुटाए गए आकड़ों में पाया गया है कि राजधानी में हर रोज कम से कम चार महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है। 2012 और 2015 के आकंड़ो के अनुसार दिल्ली में हर चौथी महिला दुष्कर्म की शिकार होती है।
हफिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में नौ में से चार महिलाएं हर रोज दुष्कर्म या अन्य आपराधिक गतिविधियों की शिकार होती हैं। इन चार सालों में दुष्कर्म के मामलों में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है। दुष्कर्म के कुल मिलाकर 706 मामलें सिर्फ 2012 में दर्ज किए गए थे तो वहीं इससे ज्यादा 2015 में यह आंकड़ा 2199 तक पहुंच गया। 1636 मामले तो 2013 में ही दर्ज किए गए थे। उसके अगले वर्षों में 2166 रेप केस रिकॉर्ड किए गए।
120 रेप केस दर्ज
पिछले 15 सालों में दुष्कर्म के मामले छह गुना बढ़ गए हैं। 2001 में 381 मामले दर्ज हुए तो वहीं 2015 में ये बढ़कर 2199 तक पहुंच गए। इसके अलावा 2012 में करीब 727 महिलाओं पर हमले की घटनाएं रिकॉर्ड हुई थी। 2014 और उसके बाद के सालों में इनकी संख्या बढ़कर 3515, 2013, 4322 और 5367 तक पहुंच गई। 2015 में जनवरी से जुलाई के बीच करीब 120 रेप केस दर्ज हुए थे वहीं जुलाई 2016 के बीच तक ये 1186 हो गए।
अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी
गौरतलब है कि महिलाएं घर में भी सुरक्षित नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पति और ससुराल वालों के दहेज मांगने के मामलों में क्रूरता और दरिंदगी वाले मामले ज्यादा दर्ज हुए हैं। 2012 से जुलाई 2016 तक लगभग 681 महिलाओं की मौत दहेज से जुड़े मामले की वजह से हुई थी। इन चार सालों में महिलाओं द्वारा पति और ससुराल के खिलाफ दायर करवाए गए मामलों की कुल संख्या 13,984 थी। साथ ही इस तरह के अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। 2012 में ही 2046 सिर्फ घरेलु हिंसा और दहेज़ प्रथा से जुड़े मामले थे। इसके बाद आंकड़ा बढ़कर 3045 तक पहुंच गया और 2014 में इन मामलों की संख्या 3194 के पर पहुंच गई।
मामूली गिरावट
ज्ञात हो कि दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ने पर हैं। दुष्कर्म और इस तरह की घटनाओं का ग्राफ 2015 की जनवरी और जुलाई के बीच 1842 तक पहुंच गया। इसके साथ ही चार साल में दहेज़ के कारण मरने वाली महिलाओं की संख्या 681 है। जिनमें 134 मौतें 2012 में और 144 उसके बाद हुई हैं। यह आंकड़ा 2014 में 153 तक पहुंच गया जिसमे 2015 में 122 संख्या के साथ मामूली गिरावट दर्ज की गई थी।
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