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2016 में दिल्ली मेट्रो में पकड़ी गईं 532 चोरनियां

10 से 12 महिला गैंगों का पर्दाफाश किया गया है।

2016 में दिल्ली मेट्रो में पकड़ी गईं 532 चोरनियां
नई दिल्ली. दिल्ली मेट्रों में सफर के आपको सिर्फ चोरों से ही नहीं बल्कि चोरनियों से भी सतर्क रहने की जरुरत है। सफर करते हुए अगर आपको चारों तरफ से महिलाएं घेरे खड़ी हैं, अचानक उनमें से एक बीमार हो जाती है और आप उसकी मदद के लिए आगे आते हैं। तो सावधान हो जाइए उसे बचाने के चक्कर में आपको चूना लग सकता है। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्यॉरिटी फोर्स ने इस साल 532 महिला चोरनियों को हिरासत में लिया। 10 से 12 महिला गैंगों का पर्दाफाश किया, जिन्होंने अपना गुनाह भी कबूल किया।
'ज्यादातर लोग शिकायत नहीं लिखवाते'-
इस आंकड़े के हिसाब से औसतन हर दिन दो महिला चोरनियों को हिरासत में लिया गया। सीआईएसएफ (डीएमआरसी यूनिट) के डीआईजी रघुबीर लाल ने बताया, 'महिला गैंग पुरुष गैंगों के मुकाबले करीब चार गुणा सक्रिय पाईं गईं।' सीआईएसएफ के मुताबिक, ज्यादातर केसों में पुलिस इसलिए भी ऐक्शन नहीं ले सकी, क्योंकि पीड़ित शिकायत लिखवाने के लिए आगे नहीं आए।
बिजी मेट्रो स्टेशन इनका निशाना-
सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'ये महिलाएं 5-6 के ग्रुप में रहकर अपराध को अंजाम देती हैं। इनका निशाना बिजी मेट्रो स्टेशन होते हैं। ऑफिस आने व जाने के वक्त में ये गैंग खासा सक्रिय हो जाते हैं।' केस स्टडीज और सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि पहले ये गैंग अपने टारगेट को निशाना बना लेता है, फिर उसी के साथ मेट्रो में प्रवेश करता है। गैंग की चोरनियां उस व्यक्ति को घेर लेती हैं व उनमें से एक तबीयत खराब होने का बहाना करती है। इसी बीच गैंग की बाकी चोरनियां मदद कर रहे व्यक्ति की जेब साफ कर देती हैं।
कौन हैं ये चोरनियां-
डीआईजी बोले, 'दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस घटना के बाद इन्हें हिरासत में नहीं रख सकती, जब तक कि इनके खिलाफ कोई लिखित में शिकायत न दे।' अधिकारियों ने यह भी बताया कि महिला चोरों के गैंग ज्यादातर इंद्रलोक, शादीपुर, आरके आश्रम, शास्त्रीनगर और शीलमपुर जैसे स्टेशनों पर सक्रिय रहते हैं। बताया गया कि चोरी के रास्ते पर चल पड़ीं ये महिलाएं ज्यादातर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बिहार से हैं। ये पति से या तो अलग रहती हैं, या इनके पति ड्रग अडिक्ट हैं।
आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान घोषणा होती रहती है कि यात्री दूसरे यात्रियों की सुविधा के लिए गाड़ी में बैग इत्यादी लेकर न चलें। लेकिन साथ ही आप अपने बैग, लैपटॉप मोबाइल आदि सामान की रक्षा करें।
साभार- TOI
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