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स्केच ने दिलाया नाबालिग को इंसाफ, बलात्कारी को सजा

इस मामले में दोषी अख्तर के वकील ने उसके पक्ष में दलील पेश करते हुए कहा था कि लड़की को ''सक्षम गवाह'' नहीं माना जा सकता, क्यों कि उसकी उम्र काफी कम है।

स्केच ने दिलाया नाबालिग को इंसाफ, बलात्कारी को सजा
दिल्ली में एक 10 साल की लड़की के साथ उसके अंकल ने 2 साल पहले बलात्कार किया था, हालांकि इस मामले में आरोप की पुष्टि नामुमकिन थी लेकिन जज ने पीड़िता द्वारा बनाए गए स्केच को ही सबूत माना और दोषी को 5 साल की सजा सुनाई।
पीड़िता कोलकाता की निवासी है। उसकी मां की मौत हो चुकी थी और पिता शराबी था। मां की मौत के बाद पिता उसका अच्छे से पालन पोषण नहीं कर रहा था जिस वजह से उसकी आंटी उसे दिल्ली ले आईं।
जब पीड़िता आंटी के घर आई थी तो उसकी उम्र 8 साल थी उसी दौरान उसके अंकल अख्तर अहमद ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया। पुलिस ने आरोपी अख्तर को 4 जून 2016 को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन इस मामले में दोषी अख्तर के वकील ने उसके पक्ष में दलील पेश करते हुए कहा था कि लड़की को 'सक्षम गवाह' नहीं माना जा सकता, क्यों कि उसकी उम्र काफी कम है।
लेकिन इस केस ने तब यू टर्न लिया जब सुनवाई के दौरान अदालत में ही पीड़िता ने एक स्केच बनाया, जो उसके साथ हुई दरिंदगी की दास्तान बयां कर रहा था। पीड़िता ने एक कागज पर क्रेयॉन से एक घऱ का स्केच बनाया और इस स्केच में एक लड़की हाथ में गुब्बारे लिए हुए कड़ी थी और उसके पास ही जमीन पर उसकी ड्रेस गिरी हुई थी।
न्यायाधीश विनोद यादव ने इसे ही एक पुख्ता सबूत माना और फैसला सुनाते हुए कहा, 'अगर इस ड्रॉइंग को तथ्य और केस की परिस्थिति मानी जाए, इससे यह पता चलता है कि उसके कपड़े को उतारकर उसके साथ यौन शोषण हुआ है, इसका उसके दिमाग पर असर हुआ है जो कि सबूत के रूप में पेश हुआ है।'
न्यायाधीश ने कहा कि यह स्केच मासूम के साथ हुई दरिंदगी की व्याख्या के लिए पर्याप्त है। न्यायाधीश ने कहा, 'अतः मैं पीड़िता को सक्षम गवाह मानता हूं।'
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