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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मुसलमान आए आगे, हज हाउसों को क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए दिया

कोरोना वायरस के खिलाफ देश की जनता के साथ मिलकर केंद्र सरकार द्वारा लड़ी जा रही जंग में देश का अल्पसंख्यक समुदाय भी पूरी तरह से एकजुट है। कोरोना देखभाल केंद्रों यानि क्वारंटाइन व आईसोलेशन सुविधा के लिए देशभर के 16 हज हाउस को अल्पसंख्यक समुदाय ने सरकार को सौंप दिया है।

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मुसलमान आए आगे, हज हाउसों को क्वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए दिया
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कोरोना वायरस के खिलाफ देश की जनता के साथ मिलकर केंद्र सरकार द्वारा लड़ी जा रही जंग में देश का अल्पसंख्यक समुदाय भी पूरी तरह से एकजुट है। कोरोना देखभाल केंद्रों यानि क्वारंटाइन व आईसोलेशन सुविधा के लिए देशभर के 16 हज हाउस को अल्पसंख्यक समुदाय ने सरकार को सौंप दिया है।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि देश भर में 16 हज हाउस को क्वारंटाइन एवं आईसोलेशन सुविधा के लिए विभिन्न राज्य सरकारों को दिया गया है, जिसका राज्य सरकारें आवश्यकता के अनुसार इस्तेमाल कर रही हैं।

नकवी ने कहा कि अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा 1.40 करोड़ रूपए 'पीएम केयर्स' में सहयोग किया गया है एवं एएमयू मेडिकल कॉलेज में 100 बेड की व्यवस्था कोरोना मरीजों के उपचार के लिए की गई है। वहीं एएमयू ने कोरोना टेस्ट की व्यवस्था भी की है, अब तक 9000 से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं।

इसी प्रकार अजमेर शरीफ दरगाह के अंतर्गत ख्वाजा मॉडल स्कूल एवं कायड़ विश्राम स्थली को देश के विभिन्न भागों के कोरोना प्रभावित लोगों के क्वारंटाइन एवं आईसोलेशन के लिए दिया गया। देश भर से आए सभी धर्मों के 4500 से अधिक जायरीनों को लॉकडाउन के दौरान रहने, खाने-पीने और उनके स्वास्थ्य की संपूर्ण सुविधा दी गई।

यह सभी व्यवस्था दरगाह कमिटी, दरगाह के खादिमों एवं सज्जादानशीं द्वारा की गई। इसी प्रकार देश के विभिन्न वक्फ बोर्डों द्वारा विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं के सहयोग से 51 करोड़ रूपए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कोरोना राहत फंड के लिए सहयोग किया गया है। वहीं जरूरतमदों के लिए बड़ी तादाद में राहत एवं खाद्य सामग्री का वितरण विभिन्न वक्फ बोर्डों द्वारा किया जा रहा है।

सेवा में जुटे प्रशिक्षित स्वास्थ्य सहायक

केंद्रीय मंत्री नकवी ने बताया कि अल्पसंख्यक मंत्रालय के कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित 1500 से ज्यादा स्वास्थ्य सहायक कोरोना से प्रभावित लोगों की सेवा में लगे हुए है, जिनमें 50 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। नकवी ने बताया कि ये सभी प्रशिक्षित स्वास्थ्य सहायक देश के विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना मरीजों की सेवा में मदद कर रहे हैं। मंत्रालय द्वारा इस साल दो हजार से भी ज्यादा अन्य स्वास्थ्य सहायकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

फेस मास्क का निर्माण

नकवी ने यह भी जानकारी दी है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा सीखो और कमाओ कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में फेस मास्क का निर्माण भी कराया गया है, जिन्हें आम लोगों को दिया जा रहा है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय कोरोना से सुरक्षा के दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूकता हेतु सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए देश के विभिन्न भागों में 'जान भी, जहान भी' नाम से जागरूकता अभियान शुरू करेगा।

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