गुरुग्राम साइबर ठगी : साइबर अपराध की राजधानी बनते जा रहे गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की मदद करने के आरोप में एक्सिस बैंक के एक सेल्स मैनेजर और सेल्स एग्जिक्यूटिव सहित तीन लोगों को दबोचा है। पकड़े गए बैंक कर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने महज चंद रुपयों के लालच में फर्जी तरीके से बैंक खाता खोला, जिसका इस्तेमाल ठगों ने लाखों रुपये के लेन-देन के लिए किया।
रिश्वत लेकर खोला गया फर्जी बैंक खाता
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक के इन अधिकारियों ने मात्र 30 हजार रुपये की रिश्वत लेकर एक संदिग्ध बैंक खाता खोला था। इसके बाद, इस खाते को मुख्य आरोपियों द्वारा ठगी करने वाले गिरोह को 8 लाख रुपये में बेच दिया गया। साइबर अपराधियों ने इस खाते का उपयोग फर्जी तरीके से 50 लाख रुपये के अवैध ट्रांजेक्शन के लिए किया।
ऐसे जाल बिछाता था ठगों का गिरोह
यह पूरा मामला 15 जनवरी को दर्ज हुई एक एफआईआर से शुरू हुआ। पीड़ित ने शिकायत की थी कि उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए जाल में फंसाया गया। ठगों ने उसे 'USDT ट्रेडिंग' (क्रिप्टोकरेंसी) में निवेश करने पर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया था। अच्छा रिटर्न मिलने के झांसे में आकर पीड़ित ने बड़ी रकम निवेश कर दी, जिसे बाद में ठगों ने हड़प लिया।
हाथरस के रहने वाले हैं शिक्षित आरोपी
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी उच्च शिक्षित हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में पिंटू कुमार (30 वर्ष) निवासी गांव पच्चो, हाथरस। रोहित (30 वर्ष) यह आरोपी एमबीए पास है और एक्सिस बैंक में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उमंग गुप्ता (26 वर्ष) यह एबीबीए शिक्षित है और इसी बैंक में सेल्स एग्जिक्यूटिव के रूप में तैनात था।
जांच में हुआ 50 लाख के ट्रांजेक्शन का खुलासा
साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान 'दिनेश इंटरप्राइजेज' नाम की एक फर्म का पता चला। ठगी की गई राशि में से 50 लाख रुपये इसी फर्म के खाते में भेजे गए थे। यह खाता आरोपी दिनेश कुमार के नाम पर था, जिसे खुलवाने के लिए पिंटू और अंकुल ने बैंक कर्मचारियों के साथ सांठगांठ की थी।
बैंक कर्मियों को मिला लाखों का हिस्सा
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि बैंक में पिछले 6 साल से मैनेजर के पद पर तैनात रोहित और 3 साल से कार्यरत उमंग गुप्ता ने इस फर्जीवाड़े के लिए मोटी रकम ली थी। आरोपी पिंटू के माध्यम से उमंग को 1 लाख रुपये और सेल्स मैनेजर रोहित को 2 लाख रुपये का कमीशन मिला था। इन लोगों ने न केवल यह खाता खोला, बल्कि कई अन्य फर्जी खाते भी खोलने की बात स्वीकार की है।
अब तक 5 गिरफ्तार, रिमांड पर पूछताछ जारी
पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए तीनों नए आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कितने फर्जी खाते खोले हैं और इस सिंडिकेट में बैंक के अन्य कौन से कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।