logo
Breaking

महिला सशक्तिकरण परियोजना: महिलाएं ‘हरिहर बाजार’ से हर महीने कमा रहीं 50 हजार

शासन द्वारा स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण परियोजना: महिलाएं ‘हरिहर बाजार’ से हर महीने कमा रहीं 50 हजार

शासन द्वारा स्व-सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जगदलपुर जिले में ये प्रयास कारगर साबित हुआ और आज स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ है। इसके साथ ही वे अपने परिवार में आर्थिक सहयोगी भी बन रही हैं।

केन्द्र सरकार की नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत सितंबर 2013 में महिला सशक्तिकरण परियोजना में बस्तर जिले के 5 ग्राम पंचायत तारापुर, बनियागांव, टलनार, उलनार, करीतगांव के 2200 महिलाओं को चयनित किया गया। इसमें महिलाओं को कम लागत में अच्छी पैदावार कर अपनी अजीविका को बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में ओडि़शा, भुवनेश्वर, अंबिकापुर आदि शहरों से प्रशिक्षक जिले में आकर महिलाओं को अजीविका का प्रशिक्षण दिया। उसके बाद परियोजना की ओर से शहर के सुभाषचंद्र बोस प्रायमरी स्कूल भवन के सामने ठेला लगाकर हरिहर बाजार शुरू किया गया। स्कूल दूसरे भवन में स्थानांतरित होने से उक्त भवन को 2016 में तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया ने महिलाओं को दिया। तब से अब तक इस भवन में हरिहर बाजार का संचालन हो रहा है।

स्वयं का व्यवसाय कर अच्छी आमदनी कमा रहीं महिलाएं

बस्तर जिले के 5 ग्राम पंचायत की 2200 महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वयं का व्यवसाय कर अच्छा आर्थिक लाभ कमा रही हैं। इनमें महिला विकास साख सब्जी सहकारी समिति टलनार-बनियागांव एवं नई दिशा साख सब्जी सहकारी उलनार, तारापुर द्वारा संचालित हरिहर बाजार में 6 महिलाएं शांति टलनार में, सुंदरमणि तारापुर में और खीरमणि बनियागांव में काम कर रही हैं। ये सभी महिलाएं महीने में अच्छी आमदनी कर परिवार चला रही हैं।

मुख्यमंत्री ने किया था शुभारंभ

शहर के लालबाग रोड में सुभाषचंद्र बोस प्रायमरी स्कूल भवन में महिला सशक्तिकरण परियोजना की ओर से हरिहर बाजार का संचालन किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बस्तर प्रवास के दौरान 1 अप्रैल 2017 को बाजार को शुभारंभ किया।

हरिहर बाजार में हर माह 2.50 लाख का कारोबार

नाबार्ड के सीईओ डमरूधर सिन्हा ने बताया कि हरिहर बाजार से महिलाओं की आर्थिक व्यवस्था में सुधार हो रहा है। इससे हर माह लगभग 2.50 लाख रूपए का सब्जी आदि सामानों को विक्रय किया जा रहा है। इसमें हर माह लगभग 50 हजार रूपए का लाभ हो रहा है। हरिहर बाजार में समूह से जुड़ी महिलाएं यहां से अच्छी आमदनी कमा रही हैं।
Share it
Top