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एम्स में मशीन की ओके रिपोर्ट का इंतजार, आंबेडकर अस्पताल में एमओयू का, दोनों संस्थानों में पहुंच चुकी है करोड़ों की मशीन, मरीजों की उम्मीदें बढ़ी

निजी अस्पतालों की तुलना में आधी कीमत पर कैंसर के मरीजों की जांच की सुविधा राजधानी के दो बड़े अस्पतालों में अब तक शुरू नहीं हो सकी है। आंबेडकर अस्पताल और एम्स में पोजीट्राॅन एमिएशन टोमोग्राॅफी मशीन पहुंच तो चुकी है, मगर कागजी कार्यवाही की प्रक्रिया पूरा नहीं होने के कारण मरीजों की जांच के लिए इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। एम्स को मशीन की ओके रिपोर्ट का इंतजार है, वहीं आंबेडकर अस्पताल प्रबंधन मशीन के लिए एमओयू नहीं कर पाया है।

एम्स में मशीन की ओके रिपोर्ट का इंतजार, आंबेडकर अस्पताल में एमओयू का, दोनों संस्थानों में पहुंच चुकी है करोड़ों की मशीन, मरीजों की उम्मीदें बढ़ी

रायपुर। निजी अस्पतालों की तुलना में आधी कीमत पर कैंसर के मरीजों की जांच की सुविधा राजधानी के दो बड़े अस्पतालों में अब तक शुरू नहीं हो सकी है। आंबेडकर अस्पताल और एम्स में पोजीट्राॅन एमिएशन टोमोग्राॅफी मशीन पहुंच तो चुकी है, मगर कागजी कार्यवाही की प्रक्रिया पूरा नहीं होने के कारण मरीजों की जांच के लिए इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। एम्स को मशीन की ओके रिपोर्ट का इंतजार है, वहीं आंबेडकर अस्पताल प्रबंधन मशीन के लिए एमओयू नहीं कर पाया है।

आंबेडकर अस्पताल और एम्स में कैंसर के मरीजों के इलाज के आधुनिक सुविधा है, पर पैट सीटी मशीन का मामला दोनों बड़े संस्थानों में अटका पड़ा है। करोड़ों रुपए की लागत से खरीदी गई इस मशीन से मरीजों की जांच अब तक शुरू नहीं की जा सकी। दोनों अस्पतालों में मशीन का इंस्टालेशन पूरा हो चुका है, मगर एम्स को दिल्ली से मशीन की टेस्टिंग रिपोर्ट नहीं मिल पाई है, जिसकी वजह से मरीज जल्द ही इस सुविधा के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं आंबेडकर अस्पताल में तकनीशियनों की कमी के कारण इस मशीन का संचालन पीपीपी मोड पर करने के लिए लैब इंडिया हेल्थ केयर से अनुबंध नहीं हो पाया है, यह मामला शासन स्तर पर अटका है। सूत्रों के मुताबिक एमओयू के लिए शासन से स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें माहभर का वक्त लगने की संभावना है। वर्तमान में इस जांच के लिए निजी अस्पतालों में 15 से 20 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं, मगर दोनों अस्पतालों में गरीब मरीजों की जांच निशुल्क और सामान्य मरीजों की जांच काफी कम कीमत पर हो जाएगी। चिकित्सकों के मुताबिक यह मशीन बीमारी की जांच करने वाले अत्याधुनिक मशीन है।

जल्द शुरू हो सकेगा इलाज

पैट सीटी मशीन से सूक्ष्म कैंसर का भी पता लगाने में आसानी होगी और मरीज की बीमारी का इलाज भी जल्द शुरू किया जा सकेगा। पैट सीटी स्कैन मशीन से जांच के लिए मरीज के हाथ में रेडियोएक्टिव ग्लूकोज को इंजेक्ट किया जाएगा। जिसके बाद पूरे शरीर में कोशिकाओं के असामान्य व्यवहार का पता लगाकर कैंसर सहित ब्रेन और हृदय संबंधी बीमारियों का पता लगाया जाएगा।

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