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मेटाबोदेली माइंस से त्रस्त ग्रामीण उतरे सड़क पर, लाल पानी से खराब हो रही किसानों की फसलें

छत्तीसगढ़ के कांकेर में मेटाबोदेली माइंस के लाल पानी से त्रस्त ग्रामीण आज सड़क पर उतर गए। माइंस का लाल पानी खेतों में जाने से हो रही किसानों की फसल खराब और भारी वाहनों के आवगमन से सड़कों के जर्जर होने के कारण ग्रामीण काफी नाराज हैंं।

मेटाबोदेली माइंस से त्रस्त ग्रामीण उतरे सड़क पर, लाल पानी से खराब हो रही किसानों की फसलें

छत्तीसगढ़ के कांकेर में मेटाबोदेली माइंस के लाल पानी से त्रस्त ग्रामीण आज सड़क पर उतर गए। माइंस का लाल पानी खेतों में जाने से हो रही किसानों की फसल खराब और भारी वाहनों के आवगमन से सड़कों के जर्जर होने के कारण ग्रामीण काफी नाराज हैंं। ग्रामीणों का कहना है इसके पहले कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी आजतक किसी ने सुध नहीं ली। साल भर मेहनत करते हैं हमारी जीविका साधन है फसलें और माइंस के लाल पानी की वजह से सारी की सारी फसल पकने के पहले ही खराब हो जाती है।


बता दें पिछले दिनों लोकसभा सत्र में प्रश्नकाल के दौरान सांसद विक्रम उसेंडी ने दुर्गूकोंदल के हाहालद्दी लौह अयस्क खदान से निकलने वाले लाल पानी के किसानों के खेतों में पहुंचने से नुकसान होने का मुद्दा उठाया। सांसद ने कहा कि माइंस प्रबंधन लाल पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं कर रहा है जिससे पानी किसानों के खेतों में जाने से उनके खेत बंजर हो रहे हैं।


सांसद ने कहा कि दुर्गूकोंदल ब्लॉक के हाहालदी खदान से उत्खनन के दौरान निकलने वाला लाल पानी ग्राम मेड़ो, चाहचाड़, पड़गाल, हाहालद्दी, भुसकी आदि गांव के किसानों के खेतों में पहुंच रहा है। इसके अलावा कोयलीबेड़ा ब्लॉक के मेटाबोदेली खदान से चारगांव, छोटे बोदेली, मेटा बोदेली, कड़में, सोड़वा आदि ग्रामों में खनन के बाद निकलने वाला लाल पानी किसानों के खेतों में जाने से धान के साथ अन्य फसल खराब हो रही हैं।


खेतों में इस पानी के पहुंचने से फसल की ग्रोथ रुक जाती है। लाल पानी किसानों के खेतों को बंजर कर रहा है। माइंस प्रबंधन इन दोनों खदानों से खनन क्षेत्र से बारिश में पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं करवा रहा है।

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