Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जहरीला धुंआ छोड़ने वाले वाहनों की खैर नहीं, एक क्लिक पर पकड़े जाएंगे

प्रदेश के ज्यादातर शहर और कस्बों में छोटे-बड़े सभी तरह के वाहन चालक जहरीला धुंआ उगलते फर्राटा भर रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब तक कार्रवाई के नाम पर केवल खानपूर्ति हुई है। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती करने परिवहन विभाग नई कार्योजना बना रहा है।

जहरीला धुंआ छोड़ने वाले वाहनों की खैर नहीं, एक क्लिक पर पकड़े जाएंगे
X

प्रदेश के ज्यादातर शहर और कस्बों में छोटे-बड़े सभी तरह के वाहन चालक जहरीला धुंआ उगलते फर्राटा भर रहे हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब तक कार्रवाई के नाम पर केवल खानपूर्ति हुई है। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्ती करने परिवहन विभाग नई कार्योजना बना रहा है।

विभाग प्रदेशभर के पीयूसी सेंटर को सर्वर से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे पीयूसी सेंटरों पर की जा रही अनियमितता पर लगाम लगेगी। प्रदूषण जांच का सर्टिफिकेट अब सेंट्रलाइज नेटवर्किंग सिस्टम द्वारा जारी किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों की मानें, तो एक अप्रैल 2019 तक इसे प्रदेश में शुरू कर दिया जाएगा। इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगेगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के आरटीओ में 60 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन है। इनमें करीब 50 लाख गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए गाड़ियों की जांच के लिए प्रदेश के पेट्रोल पंपों, सर्विस सेंटर पर प्रदूषण जांच केंद्र खोले गए हैं। गाड़ियों की जांच की अवधि महज छह माह के लिए निर्धारित है।
प्रदूषण जांच के नाम पर जांचकर्ताओं द्वारा वाहन मालिकों को गलत प्रमाणपत्र देने की शिकायतें परिवहन विभाग को मिली है। गलत सर्टिफिकेट जारी करने पर जांच की व्यवस्था भी विभाग के पास नहीं है। नया सिस्टम शुरू होने के बाद एक दिन में वाहनों से कितना प्रदूषण निकल रहा है, इसकी जानकारी विभाग को मिलती रहेगी।
भेजा जाएगा रीमाइंडर
नए सिस्टम के मुताबिक अगर वाहन मालिक छह माह के बाद निर्धारित समय में अपने वाहन का प्रदूषण जांच नहीं कराता, तो उसे परिवहन विभाग वाहन मालिन के मोबाइल पर रीमाइंडर भेजकर प्रदूषण जांच कराने निर्देश देगा। उसके बाद भी वाहन मालिक वाहन की प्रदूषण जांच नहीं कराता, तो उसे विलंब शुल्क अदा करना होगा। सर्वर पूरे स्टेट से जुड़ा होने की वजह से वाहन मालिक कहीं भी प्रदूषण की जांच करा सकता है।
सर्टिफिकेट नहीं तो देना होगा जुर्माना
अगर आपके पास वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं है और आपकी गाड़ी तय सीमा से ज्यादा धुआं छोड़ रही है, तो धारा 19 (2) के तहत मोटर साइकिल को 200 रुपए, तीनपहिया को 400 रुपए, चारपहिया को 600 रुपए और भारी वाहन को 1500 रुपए फीस अदा करनी है। ज्यादा धुआं छोड़ रही गाड़ियों को जब्त करने का भी प्रावधान है।
जांच में इतना खर्च
विभागीय अधिकारियों की मानें, तो वाहन मालिकों को अपने वाहन की प्रदूषण जांच कराने में नामिनल खर्च आएगा। टू और थ्री व्हीलर वाहनों की पीयूसी जांच की फीस 60 रुपए है। पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाली फोर वीलर गाड़ियों की फीस 80 रुपए और डीजल से चलने वाली कारों और दूसरी गाड़ियों की प्रदूषण जांच की फीस 100 रुपए है।
सर्वर से कनेक्ट करने की तैयारी
प्रदेश के सभी शहरों में संचालित पीयूसी सेंटर को सर्वर से कनेक्ट करने तैयारी की जा रही है। किस वाहन की प्रदूषण जांच हुई है, किसकी नहीं हुई, इसकी जानकारी एक क्लिक से मिल जाएगी।
- ओपी पॉल, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story