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कुलपति जी! साल बीत गया, नौकरी खतरे में हैं, प्लीज डिग्री दे दीजिए..

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय साल बीतने के बाद भी डिग्री के लिए नई ठेका कंपनी नहीं ढूंढ पाया है। आलम यह है कि कई छात्रों की नौकरी खतरे में पड़ गई है।

कुलपति जी! साल बीत गया, नौकरी खतरे में हैं, प्लीज डिग्री दे दीजिए..
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पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय साल बीतने के बाद भी डिग्री के लिए नई ठेका कंपनी नहीं ढूंढ पाया है। आलम यह है कि कई छात्रों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। नौकरी खतरे में देख कई छात्रों ने कुलपति को आवेदन लिखा है। इसमें छात्रों ने अपनी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा है कि डिग्री के लिए आवेदन किए हुए कई माह बीत जाने के बाद भी उन्हें अब तक डिग्री प्रदान नहीं की गई।

नौकरी का हवाला देते हुए छात्रों ने कुलपति को अतिशीघ्र डिग्री के लिए आवेदन किया है। छात्रों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उनके द्वारा इस वर्ष मई में डिग्री के लिए आवेदन दिया गया था। जिस कंपनी में नौकरी के लिए उनका चयन हुआ है, उन्होंने डिग्री जमा करने दिसंबर तक का वक्त दिया है। डिग्री न दिए जाने की स्थिति में नौकरी भी जा सकती है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर में डिग्री सर्टिफिकेट तैयार करने वाली कंपनी का ठेका समाप्त हो गया था। नई कंपनी को ठेका देने के लिए रविवि ने फरवरी में टेंडर निकाला था। जब कोई कंपनी इस टेंडर की शर्तों को पूरा नहीं कर सकी, तब सितंबर में कुछ शर्तों में ढील देते हुए दोबारा टेंडर निकाला गया। शर्तों में ढील देने को लेकर कार्यपरिषद की बैठक में कुछ सदस्यों की आपत्ति के बाद ठेका अब तक नहीं दिया जा सका।
बीकॉम के एक हजार आवेदन
डिग्री के लिए थोक में आवेदन रविवि के पास पड़े हुए हैं। डिग्री सर्टिफिकेट ना होने के कारण छात्रों की इन डिग्री का निपटारा नहीं किया जा सक रहा है। डिग्री के लिए सबसे ज्यादा आवेदन बीकॉम के छात्रों द्वारा दिए गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीकॉम के लगभग एक हजार छात्रों के आवेदन डंप पड़े हुए हैं। इसके बाद सर्वाधिक आवेदन बीए और एलएलबी के छात्रों के हैं। अर्जेंट डिग्री के लिए अतिरिक्त शुल्क के साथ जिन छात्रों ने आवेदन किया है, उन्हें भी डिग्री मिलने में देर हो रही है।
विकल्प है
छात्रों के लिए डिग्री प्रदान करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जिन छात्रों को अधिक परेशानी हो रही है, वे संपर्क कर सकते हैं।
- सुपर्ण सेन गुप्ता, मीडिया प्रभारी, रविवि

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