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बिगड़ैल हाथियों को तमोर पिंगला शिफ्ट करने की तैयारी

भोजन और पानी की तलाश में बारनवापारा के हाथियों के दल ने डेढ़ वर्ष से राजधानी के निकट आरंग और बलौदाबाजार जिला के करीब ठिकाना बना लिया

बिगड़ैल हाथियों को तमोर पिंगला शिफ्ट करने की तैयारी
भोजन और पानी की तलाश में बारनवापारा के हाथियों के दल ने डेढ़ वर्ष से राजधानी के निकट आरंग और बलौदाबाजार जिला के करीब ठिकाना बना लिया है। दल में नर, मादा के सहित बच्चे भी शामिल हैं। हाथियों के दल को रोकने वन विभाग के अधिकारी एक भटके हुए मादा हाथी में रेडियो कॉलर लगाने प्रयासरत है। इसके साथ दो बिगड़ैल हाथी को रेस्क्यू सेंटर, तमोर पिंगला में शिफ्ट करने की कोशिश में जुटे हैं।
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ कौशलेंद्र सिंह के मुताबिक दल से भटके हुए दो हाथी को ट्रैंक्यूलाइजर की मदद से पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वे पकड़े नहीं जा सके। हाथियों को पकड़ने कर्नाटक, बैंगलुरु, असम और केरल से एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई थी। एक्सपर्ट की टीम को एकत्र होते देख सभी हाथी इकट्ठे हो गए, इस वजह से दोनों हाथियों को नहीं पकड़ा जा सका। बारिश शुरू होने के बाद हाथी का दल वापस जंगल की ओर लौट गया है। जानकारों की मानें, तो हाथी एक बार जिस क्षेत्र में चले जाएं और वहां पर्याप्त मात्रा में भोजन और पानी मिलता रहे, तो वो उस क्षेत्र में पुन: लौटकर आते हैं। इसी वजह से हाथियों के दल ने राजधानी के निकट स्थायी ठिकाना बना लिया है।

इसलिए शिफ्ट कर रहे हाथी

पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने बताया है कि बारनवापारा हाथी के दल में शामिल दो नर हाथियों का दल ने बहिष्कार कर दिया है। इस कारण दल से बहिष्कृत हाथी आक्रामक हो गए हैं। आक्रामक हाथी जान माल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथी कोई बड़ी घटना को अंजाम न दे पाएं, इस कारण एक हाथी के गले में रेडियो कॉलर लगाने कोशिश की जा रही है और दूसरे हाथी को तमोर पिंगला शिफ्ट किया जाएगा।

नहीं रख सकते रेस्क्यू सेंटर में

वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी के मुताबिक शेड्यूल-1 के किसी भी वन्यजीव को जब तक वह बीमार न हो, रेस्क्यू सेंटर में नहीं रखा जा सकता। ऐसा करना कानूनन अपराध है। शेड्यूल-1 के जानवर को एक जंगल से दूसरे जंगल में शिफ्ट किया जा सकता है। जिस हाथी को रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट करने बात की जा रही है, उससे इस बात की भी आशंका है कि वह नई जगह जाने से असहज महसूस करे वो और भी आक्रामक हो जाए।

कौशलेंद्र सिंह, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ

रेडियो कालर लगाकर लोकेशन की जानकारी लेंगे बारनवापारा के 19 हाथियों के दल से दो हाथी अलग हो गए हैं। अलग हुए एक हाथी को रेडियो कॉलर लगाकर हाथियों के लोकेशन की जानकारी लेंगे, जबकि दूसरे हाथी को तमोर पिंगला के रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा।
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