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2019 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के सामने कोई चुनौती नहीं, विपक्ष की ''कृत्रिम एकजुटता'' होगी धराशायी- रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के सामने कोई चुनौती नहीं है क्योंकि विपक्ष की ‘कृत्रिम एकजुटता'' अपने विरोधाभासों के कारण जल्द ही धराशायी हो जायेगी।

2019 लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के सामने कोई चुनौती नहीं, विपक्ष की कृत्रिम एकजुटता होगी धराशायी- रमन सिंह
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विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री की घेराबंदी की कोशिशों पर सवाल खड़ा करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के सामने कोई चुनौती नहीं है क्योंकि विपक्ष की ‘कृत्रिम एकजुटता' अपने विरोधाभासों के कारण जल्द ही धराशायी हो जायेगी।

उन्होंने दावा किया कि अगले लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री का जादू अभी और बढ़ेगा तथा छत्तीसगढ़ में इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘65 प्लस' के लक्ष्य को हासिल कर लगातार चौथी बार सरकार बनायेगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कोशिशों का जिक्र करते हुए रमन सिंह ने कहा कि हम नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन इसमें उनके पोलित ब्यूरो के लोग शामिल हों। उन्होंने कहा कि नक्सल समेत सभी समस्याओं का समाधान विकास से ही निकाला जा सकता है।
रमन सिंह ने ‘‘भाषा' से बातचीत में कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री मोदी की राह में फिलहाल तो कोई चुनौती नहीं दिख रही है । कर्नाटक में कांग्रेस बैसाखियों के सहारे अपना वजूद बचाने में लगी है। विपक्ष आज कृत्रिम एकजुटता दिखा रहा है। यह कृत्रिम एकजुटता अपने विरोधाभासों के कारण ही धराशायी हो जायेगी।'
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में मोदी के समक्ष कोई भी चुनौती नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आजकल आक्रामक होकर सरकार पर वार कर रहे हैं। उनकी तरफ से विपक्षी दलों को मोदी के खिलाफ एक करने की कोशिश हो रही है। लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीआरएस के चंद्रशेखर राव, बसपा की मायावती, राकांपा के शरद पवार समेत प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार कई हैं।
राज्य में अपने 14 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के समक्ष रखने के लिये पिछले 10 दिनों से ‘‘विकास यात्रा' पर निकले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी पराजय तो यही है कि कांग्रेस लगातार पिछड़ रही है। कभी एक नंबर पर रहने वाली पार्टी आज तीसरे और चौथे नंबर पर पहुंच गई है। एक राष्ट्रीय पार्टी की पहचान आज क्षेत्रीय दल के रूप में बनती जा रही है और कांग्रेस आज देश के केवल 10 प्रतिशत क्षेत्र में सिमट कर रह गई है।
रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है और किसी क्षेत्रीय दल से चिपक कर अपना अस्तित्व बचाने में लगी है । उन्होंने विपक्षी एकता पर तंज कसते हुए कहा ‘‘इधर एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उधर 6 नेता प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। '
छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यों वाली विधानसभा के लिये इसी साल चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लेकर रमन सिंह ने जोर दिया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ‘65 प्लस' का लक्ष्य रखा है, हमें अपने विकास के कामों पर भरोसा है और जनता के आर्शीवाद से हम इस लक्ष्य को हासिल करते हुए राज्य में चौथी बार भाजपा सरकार बनायेंगे।'
रमन सिंह ने स्वीकार किया कि अगर तीसरी ताकत (अजीत योगी) विधानसभा चुनाव के दौरान मैदान में आती है तो इसका सीधा फायदा उन्हें ही होगा। उन्होंने कहा ‘‘हमारी सीधी लड़ाई कांग्रेस से है।' राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के विकास कार्यों के जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में कांग्रेस के पास ज्यादा सीटें आईं, लेकिन इस बार यह आंकड़ा बदलेगा। इस बार बहुत बेहतर परिणाम मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कहा कि बस्तर संभाग के ही बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री ने आयुष्मान योजना की शुरुआत की है। साथ ही उन्होंने नक्सलियों के गढ़ बीजापुर में सफल रैली और सड़क निर्माण समेत अनेक आधारभूत योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा कार्यों के अमल में लाने का जिक्र किया।
रमन सिंह ने जन वितरण प्रणाली :पीडीएस: योजना को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया जिसके तहत आदिवासी समेत सभी गरीब परिवारों को अनाज मुहैया कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे कुपोषण, भुखमरी के मामले में सबसे ज्यादा फर्क आया और लोगों को खाद्य सुरक्षा की गारंटी मिली है।

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