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काले कपड़े में विपक्ष, हंगामा और तीखी नोंक-झोंक, सीएम बोले- चर्चा से भाग क्यों रहे हैं..

धान खरीदी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने के पहले ही काले कपड़े के माध्यम से बीजेपी के विधायकों ने विरोध दर्ज कराया। पढ़िए पूरी खबर-

काले कपड़े में विपक्ष, हंगामा और तीखी नोंक-झोंक, सीएम बोले- चर्चा से भाग क्यों रहे हैं..

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे।

धान खरीदी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने के पहले ही काले कपड़े के माध्यम से बीजेपी के विधायकों ने विरोध दर्ज कराया।

भाजपा के साथ-साथ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बसपा के विधायकों ने भी काले कपड़े पहने।

भाजपा के विपक्ष में आने के बाद यह पहला अवसर है, जब सभी सदस्य काला कपड़ा पहन कर विधानसभा पहुंचे हैं।

सदन की करवाई दोबारा प्रारंभ होते ही विपक्ष ने किसानों के साथ धान खरीदी में धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया।

विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसान परेशान हैं। उनसे धान नहीं खरीदा जा रहा है।

कवर्धा में लगातार किसान आंदोलन कर रहे हैं। सदन का काम रोक कर इस मुद्दे पर चर्चा कराया जाना चाहिए।

विपक्ष के सदस्यों ने अपने स्थान पर खड़े होकर पर्ची भी दिखाई और स्थगन प्रस्ताव को ग्राह्य कर इस पर चर्चा कराने की मांग की।

विपक्ष के हंगामें के बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी रिकॉर्ड धान खरीदी करने का हवाला देते हुए पलटवार किया।

इससे सदन में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। दोनों पक्षों के बीच किसानों के मुद्दे पर तीखी नोकझोंक होती रही।

विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी भी की। आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि अब विपक्ष को किसानों की बात याद आ रही है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसान आंदोलित हैं। किसानों को धान खरीदी के लिए 15 दिन का समय मिलना चाहिए।

दूसरी ओर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने भी किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाना बंद करें का नारा लगाते रहे।

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि जब किसानों के साथ खड़ा होना था तब आप खड़े नहीं हुए।

अब आप चाहें काले कपड़े पहन लें या नारेबाजी कर लें, किसान आपकी बातों में आने वाले नहीं हैं।

धान खरीदी पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा होता रहा। विपक्ष ने सदन का काम रोककर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की।

स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- विपक्ष चर्चा में भाग नहीं लेना चाहता इसीलिए स्थगन प्रस्ताव पढ़ने के दौरान ही हंगामा कर कर रहा है। सदन की कार्यवाही को इसीलिए बाधित की जा रही है। एक साथ खड़े होकर सारे लोग हल्ला कर रहे हैं, नारेबाजी कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष सदन की कार्रवाई में भाग नहीं लेना चाहता। सदन नियम प्रक्रियाओं से चलता है। सरकार धान खरीदी पर चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है। विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। हम आसंदी से आग्रह करते हैं कि विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव गृह कर चर्चा कराया जाए।


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