Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

एक्सीडेंट में ह्रदय और फेफड़ा आ गया था बाहर, डॉक्टर ने ऑपरेशन से किया भीतर

सड़क हादसे में युवक का सीना फाड़कर उसका हृदय और फेफड़ा बाहर आ गया था। सूचना पर युवक को संजीवनी एक्सप्रेस से अस्पताल पहुंचाया गया।

एक्सीडेंट में ह्रदय और फेफड़ा आ गया था बाहर, डॉक्टर ने ऑपरेशन से किया भीतर
सड़क हादसे में युवक का सीना फाड़कर उसका हृदय और फेफड़ा बाहर आ गया था। सूचना पर युवक को संजीवनी एक्सप्रेस से अस्पताल पहुंचाया गया। जहां युवक को वेटिंलेटर पर रखा गया था। अगर उसका जल्द ही आपरेशन नहीं किया जाता तो सौ फीसदी जान जाने की आशंका थी।
एसीआई के डाक्टरोें ने साढ़े तीन घंटे की मशक्कत से युवक की सर्जरी की और बाहर निकले, धड़क रहे हृदय और फेफड़े को भीतर कर दिया। एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में धीरे-धीरे इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है और जररुत पड़ने पर उनका इलाज भी किया जा रहा है।
एसीआई की टीम ने हाल ही में युवक की सफल सर्जरी की। खरोरा के ग्राम घोवरा में रहने वाला बादल धीवर नामक युवक अपनी बाइक से लौट रहा था। तेज रफ्तार में दौड़ रही उसकी गाड़ी फिसली और सड़क पर गिरने के दौरान बादल का सीना डिवाइडर में जा टकराया था।
हादसे में उसके सीने के भीतर स्थित स्टर्नम नामक हड्डी टूट गई थी। उसका सीना फट गया था और फेफड़े के साथ उसका दिल बाहर गया था। उसे संजीवनी एक्सप्रेस की मदद से आंबेडकर अस्पताल लाया गया, जहां उसका सफल आपरेशन किया।
मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी, वह वेंटिलेटर पर था, आपरेशन में जान जाने के सौ फीसदी चांसेस थे। मगर डाक्टरों की टीम ने रिस्क उठाया और युवक का साढ़े तीन घंटे तक लंबा आपरेशन किया। आपरेशन के बाद उसे कुछ दिनों तक पुन: वेटिंलेटर पर रखा गया। युवक की हालत में लगातार सुधार हुआ और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

स्थिति थी गंभीर

कार्डियोथोरेसिक और वस्कुलर सर्जरी एसीआई के एचओडी डा. कृष्णकांत साहू ने बताया कि युवक को जब अस्पताल लाया गया था, उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। उसे वेटिंलेटर पर रखा गया था। अगर उसका जल्द आपरेशन नहीं किया जाता तो काफी खतरा हो सकता था। युवक की सर्जरी कर उसका हार्ट और फेफड़े को भीतर किया गया।
Next Story
Share it
Top