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बिजली कटौती को लेकर कथित वायरल वीडियो की जाँच करने पर मिला ही नहीं राजद्रोह का तथ्य, धारा 124(ए) हटाई गई

कथित वायरल वीडियो की जाँच करने पर राजद्रोह का तथ्य ही नहीं मिला है. धारा 124(ए) हटा दी गई है. बता दें कि बिजली कटौती मामले को लेकर आरोपी मांगेलाल अग्रवाल के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था. केस दर्ज होते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया था.

बिजली कटौती को लेकर कथित वायरल वीडियो की जाँच करने पर मिला ही नहीं राजद्रोह का तथ्य, धारा 124(ए) हटाई गई

राजनांदगांव. कथित वायरल वीडियो की जाँच करने पर राजद्रोह का तथ्य ही नहीं मिला है. धारा 124(ए) हटा दी गई है. बता दें कि बिजली कटौती मामले को लेकर आरोपी मांगेलाल अग्रवाल के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था. केस दर्ज होते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया था.

इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा. सीएम भूपेश बघेल ने भी राजद्रोह हटाने के निर्देश दिए थे. राजनांदगांव के थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 331/19 धारा 124(ए), 505 (1)(2) भा द वि के प्रकरण में विवेचना के दौरान आरोपी के कब्जे से जब्त कथित वीडियो के परीक्षण पर धारा 124 ए IPC के तथ्य नहीं मिला है.

जिसके बाद धारा 124 ए भादवि हटाई गई है. डोंगरगढ़ के थाना मुसरा निवासी आरोपी मांगेलाल अग्रवाल (53 वर्ष) को धारा 505 (1)(2) भादवि के अधीन गिरफ्तार कर आज न्यायिक अभिरक्षा में प्रस्तुत किया गया है.

क्या है वीडियो में

वायरल वीडियो में मांगेलाल अग्रवाल कह रहे हैं- एक इंवर्टर कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की सेटिंग हो गई है. इसके लिए राज्य सरकार को पैसा दिया गया है. करार के मुताबिक घंटे-2 घंटे में 10 से 15 मिनट के लिए लाईट कटौती होती रहेगी, तो इन्वर्टर बिक्री बढ़ेगी.

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